फोटो 28 सीकेटीपी-3- परिचय -सड़क के दोनों ओर खडृे प्राइवेट वाहन में बैठते यात्री । संवाद
चित्रकूट। दिवाली नजदीक आते ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को बसों की कमी से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन विभाग से मिलने वाली 24 बसें अब तक चित्रकूट डिपो को नहीं मिली हैं। इस वजह से लोग मजबूरन प्राइवेट वाहन में अधिक किराया देकर सफर कर रहे हैं। कई यात्री ओवरलोड वाहनों की खिड़कियों या पीछे लटक कर सफर कर रहे हैं।
चित्रकूट पर्यटन क्षेत्र में रोडवेज बस डिपो बन गया है, लेकिन कर्वी में पुराने अस्थाई डिपो को प्रशासन ने बंद कर दिया। दोनों डिपो के बीच लगभग तीन किलोमीटर की दूरी है। परिवहन निगम ने दो महीने पहले 24 नई बसों का आवंटन किया था, जो ग्रामीण अंचलों में चलानी थीं, लेकिन अब तक बसें डिपो तक नहीं पहुंची हैं।
सपा शासन काल में 2014 में दो रोडवेज बसें चल रही थीं, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली थी। दिवाली मेले में बाहरी जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को बसें मिल जाती हैं, लेकिन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ट्रैक्टर, पिकअप और प्राइवेट साधनों पर निर्भर हैं।
रुखमा के संतोष ने बताया कि उनके क्षेत्र के लगभग सौ यात्री रोज़ाना जीप या ऑटो से सफर करते हैं और मनमाना किराया वसूल किया जाता है। तिरहार के सूरजपाल ने कहा कि बस न होने के कारण सिर्फ रिक्शा और ऑटो ही सहारा हैं।
चित्रकूट डिपो के एआरएम राकेश पांडेय ने कहा कि नई बसें स्वीकृत हो चुकी हैं और कमियों को पूरा करने का काम जारी है। दिवाली मेले तक अधिक से अधिक बसें लगाकर ग्रामीण यात्रियों को सुविधा दी जाएगी।
फोटो 28 सीकेटीपी-3- परिचय -सड़क के दोनों ओर खडृे प्राइवेट वाहन में बैठते यात्री । संवाद