चित्रकूट। माता-पिता की डांट के डर से जान देने वाली रैपुरा की शालिनी (10) के पिता राजकुमार कालीन बुनकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वह तीन भाई हैं। उनके हिस्से में केवल 10 बिस्वा जमीन है। शालिनी ने राशन में मिले चावल में से थोड़ा चावल चुराकर बेचा था और बिस्किट-नमकीन खरीदा था।
राजकुमार ने बताया कि बुधवार की शाम को वह पत्नी गौरा के साथ घर के बाहर कालीन बना रहे थे। तभी बेटी शालिनी (10) ने लगभग आधा किलो चावल चुराकर गांव की ही एक दुकान में 10 रुपये में बेचकर बिस्किट खरीदा था। उसे चोरी करते बड़े बेटे विपिन ने देख लिया था। बेटे ने माता-पिता को बताने के लिए कहा तो बेटी डर गई। पिता की डांट पड़ने के डर से वह कमरे में गई और सीढ़ी लगाकर फंदा बनाकर जान दे दी।
राजकुमार ने बताया कि करीब 15 दिन पहले कोटे में 15 किलो चावल मिला था। इसी में से करीब पांच किलो चावल बचा था। इसी में से बेटी ने बिस्किट खाने के लिए थोड़ा चावल चुराया था।
वहीं, थाना प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया है। पूछताछ में दुकानदार मट्टू ने बताया कि गांव में कई लोग घर से अनाज लाकर बेचते हैं और बदले में सामग्री ले जाते हैं। उसे नहीं मालूम था कि शालिनी चोरी कर चावल लाई है।
बहन के लिए रो रहा भाई
शालिनी का बड़ा भाई विपिन (12) और छोटा भाई प्रियांश (80) हैं। उनके चेहरे पर भी गम दिखता है। बातचीत में विपिन ने बताया कि उसे कतई आभास नहीं था कि बहन थोड़ा डराने पर इतना बड़ा कदम उठा लेगी। बहन के बारे में पूछने पर दोनों भाई नीचे सिर कर रोने लगते हैं।
तीन दिन से नहीं जला चूल्हा
उधर, पूरे गांव में तीन दिनों से मातम है। बालिका के घर में तीन दिन से चूल्हा नहीं जला। पड़ोसी खाना दे रहे हैं। परिजनों ने कामकाज करना बंद कर दिया है। वह दिनभर गुमसुम बैठे रहते हैं।