कार्यालय पहुंचने में अफसरों की लेटलतीफी की शिकायतों
पर डीएम नीलम अहलावत ने विभिन्न दफ्तरों का औचक निरीक्षण कराया। ज्यादातर
दफ्तरों में साढ़े दस बजे से 11बजे के बीच अधिकारी पहुंचे ही नहीं थे।
निरीक्षण
में शामिल अफसरों ने कहा कि यह रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। गैरहाजिर
लोगों पर क्या कार्रवाई करनी है, इसका निर्णय डीएम ही लेंगी।
समय
से कार्यालय पहुंचने के डीएम के निर्देशों के बाद भी सुबह काफी देर तक
अफसरों और कर्मचारियों के न मिलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के
मद्देनजर डीएम ने गुरुवार को अधिकारियों को विभिन्न जगहों पर मुआयने के
निर्देश दिए।
एसडीएम रजनीश कुमार मिश्रा ने संयुक्त जिला अस्पताल,
बेसिक शिक्षा कार्यालय, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय, विकास खंड कार्यालय
और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि
संयुक्त जिला चिकित्सालय में सुबह दस बजकर बीस मिनट में उपस्थित रजिस्टर
देखा गया।
पाया गया कि डॉ. श्वेता मिश्रा तीन जून से अनुपस्थित चल
रही थीं। डा. नरेंद्र कुमार शुक्ल और डा. हेरा सिराज अनुपस्थित पाए गए।
इनके अलावा वार्ड ब्वाय राजनारायण, संविदाकर्मी अर्चना देवी और उमा पाल भी
गैरहाजिर मिलीं। बीएसए कार्यालय में वरिष्ठ सहायक संजय कुमार गुप्त
अनुपस्थित मिले।
जिला पूर्ति कार्यालय में मुलाकाती जन शिकायत
पंजिका नहीं मिली। विकास खंड कार्यालय में महेंद्र सिंह चंदेल, दिनेश सैनी,
विष्णु गोपाल, कौशल पांडे, संतशरण गैरहाजिर मिले। यहां भी जन शिकायत
रजिस्टर नहीं बना था। एसडीएम को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में
डीआईओएस नहीं मिले।
फोन पर बताया गया कि वह जीजीआईसी राजापुर के
मुआयने पर हैं। यहां पर प्रदीप कुमार लिपिक को आठ दिन से अवकाश पर बताया
गया पर रजिस्टर में यह दर्ज नहीं था। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट एडीएम को भेजी
है। उधर, एडीएम केके द्विवेदी ने खाद्य एवं औषधि नियंत्रण कार्यालय का
ताला बंद पाया। आरटीओ आफिस के मुआयने में उनको दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
मानिकपुर प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम रामसकल मौर्य और तहसीलदार
ज्ञानचंद्र गुप्ता ने विभिन्न कार्यालयों का मुआयना किया। सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र में चारुल गुप्ता, आकांक्षा सिंह गैरहाजिर मिलीं।
पशु
चिकित्सालय में डा. एसके पांडे नहीं मिले। नगर पंचायत के मुआयने में ईओ
हाशिम अली समेत अन्य अमला मौजूद मिला। एसडीएम के बांदा के लिपिक किशोरीलाल
के यहां से संबद्ध होने की बाबत पूछने पर बताया गया कि ऐसा मंडलायुक्त से
मिले निर्देश पर किया गया है।