चित्रकूट। राष्ट्रीय शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत दो फरवरी से शुरू होने वाले गरीब और वंचित बच्चों के लिए निजी स्कूलों में प्रवेश के आवेदन की प्रक्रिया वेबसाइट में आ रही सर्वर की समस्या के कारण धीमी गति से चल रही है। पहले चरण के आवेदन 16 फरवरी तक ही स्वीकार किए जाएंगे, ऐसे में यदि यही हाल रहा तो निर्धारित समय सीमा तक आवेदन न के बराबर ही हो पाएंगे। आवेदन न हो पाने से लोग खासे परेशान हैं।
आरटीई के तहत असंगठित मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती है। जिले के 257 निजी स्कूलों में लगभग 1683 सीटों पर प्रवेश दिया जाना है। आवेदन के लिए बच्चे के अभिभावक का आधार कार्ड पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है, जिसके बिना आवेदन संभव नहीं होगा। आरटीई के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता सीधे आधार सीडिंग वाले बैंक खातों में ही भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सभी विकास खंड स्तरों पर एक-एक सहायता डेस्क स्थापित की गई है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी सहयोग के लिए कहा गया है।
दो फरवरी को सुबह 10 बजे से आवेदन शुरू होने थे लेकिन पहले दिन वेबसाइट में तकनीकी खराबी के कारण आवेदन शुरू ही नहीं हो सके। दूसरे दिन भी सर्वर की समस्या के कारण मात्र तीन ही आवेदन हो पाए। आवेदन करने के इच्छुक अभिभावक सीएचसी केंद्रों के बाहर परेशान दिखाई दिए। शहर के सुनील सिंह और जानकी शरण जैसे अभिभावकों ने बताया कि वे अपने बच्चों का आरटीई के तहत आवेदन कराना चाहते थे, लेकिन वेबसाइट की समस्या के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बीके शर्मा ने स्वीकार किया कि दो से 16 फरवरी तक आवेदन होने हैं और सर्वर में कुछ समस्या के कारण परेशानी हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान जल्द कर दिया जाएगा।