जिले में सुहाग की सलामती के लिए करवा चौथ व्रत में पूजन करने जाती सुहागिनें। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। करवाचौथ पर्व पर सुबह से सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखा। सोलह श्रृंगार कर पति की लंबी उम्र की कामना की। चंद्र दर्शन के बाद पति के हाथों उपवास खोला। इस दौरान जगह-जगह खुशियां मनाईं गई। घरों में पकवान भी बने।
करवाचौथ पर्व जिले में परंपरा अनुसार बनाया गया। महिलाएं दिन मेें निर्जला व्रत रखकर तरह तरह के पकवान बनाए। देर शाम विधि विधान से पूजा पाठ किया। पर्व को लेकर महिलाओं सहित परिवार में खासा उत्साह देखा गया। संत दिव्य जीवनदास ने करवाचौथ पर्व मेें की परंपरा उस समय से चली आ रही है जब एक समय देवताओं व दानवों में युद्ध हो रहा था। उस समय देवता युद्ध हारने लगे थे। ब्रम्हदेव के पास जब देवता पहुंचे तो उन्होंने कहा कि यदि देवताओं की पत्नी वृत रख देवताओं की विजय के लिए प्रार्थना करेंगी तो विजय मिलेगी। इसी कथा को श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को सुनाई थी। जिसमें कहा था कि करवाचौथ का व्रत रखने से जीवन में सुख सौभाग्य प्राप्त होता है।
- जिले में सुहाग की सलामती के लिए करवा चौथ व्रत में चलनी से पूजन कर चांद का दीदार करतीं सुहागिनें। ?- फोटो : CHITRAKOOT
जिले में सुहाग की सलामती के लिए करवा चौथ व्रत में चलनी से पूजन कर चांद का दीदार करती सुहागिन। संवा- फोटो : CHITRAKOOT