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स्कूल पहुंचते ही खिले चेहरे, संख्या रही कम

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फोटो-2- कोरोना काल के बाद एक मार्च को खुले चित्रकूट के प्राइमरी स्कूल में कक्षा तक पहुंचने के पूर्व - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। करीब एक साल बाद कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के स्कूल खुलने पर सोमवार को पहले दिन कक्षाएं लगीं। पर कोविड-19 की दहशत नजर आई। कारण है कि बच्चों की संख्या काफी कम रही। कोरोना गाइड लाइन का पालन करने का प्रयास किया गया। कई स्कूलों में इस मामले में सख्ती दिखी जबकि कहीं पर लापरवाही। उधर, अभिभावकों ने भी स्कूल खुलने पर संतोष जताया।
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परिषदीय स्कूल सहित प्राइवेट स्कूल के कक्षा एक से लेकर पांच तक खोले गए। स्कूल गेट पर बच्चों का सैनिटाइजेशन किया गया। इसके बाद थर्मल स्क्रिनिंग के बाद प्रवेश मिला। कई परिषदीय स्कूलों में बच्चों को फल वितरित किए गए। शासन के निर्देश के आधार पर कक्षाओं में बैठाया गया। जिले में 843 प्राथमिक व 123 कंपोजिट विद्यालय सहित लगभग 300 मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल है।
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काली पट्टी बांधकर अनुदेशकों ने पढ़ाया
शिवरामपुर। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्ण माध्यमिक शिक्षक संघ की अपील पर 21 सूत्री मांगों को लेकर, शिक्षक अनुदेशक, शिक्षा मित्र काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मांग की कि आंकाक्षी जिले में शिक्षकाें का स्थानांतरण, शिक्षामित्रों व अनुदेशको का नियमितीकरण, पुरानी पेंशन की बहाली की जाये। (संवाद)
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