‘बेटियां सबके नसीब में कहां होती हैं, खुदा को जो घर पसंद आए वहां होती हैं’ इस स्लोगन के बीच ‘गर्ल्स चाइल्ड-डे’ पर छात्राओं ने रैली निकाली। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या रोकने को प्रेरित किया। इस अवसर हुई गोष्ठी में बालक-बालिका में भेदभाव पर भी चर्चा हुई।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शनिवार को जीजीआईसी (कर्वी) में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वेद प्रकाश और डीआईओएस प्रेम प्रकाश मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इसमें शामिल छात्राएं ‘बेटी बचाओ-देश बचाओ’ के नारे लिखीं तख्तियां लिए थीं।
रैली एलआईसी चौराहा, बस स्टैंड, पुरानी बाजार होकर पुराने जिला महिला चिकित्सालय पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान कन्या भ्रूण हत्या को पाप बताकर इसे रोकने का संदेश दिया गया।
वहीं इस अवसर पर हुई गोष्ठी में छात्राओं ने बालक-बालिका में भेदभाव को गलत बताया। अभिभावकों से अपील की कि वे बालिकाओं को उच्च शिक्षा दें।
सीएमओ ने डाक्टरों को लिंग परीक्षण न करने की सलाह दी। अपर सीएमओ डा. रामबहादुर ने लैंगिक भेदभाव के प्रति जागरूक किया। डा. पीएन गोयल ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या सबसे बड़ा जुर्म है।
इस अवसर पर डा. एनके कुरैचया, सहायक शोध अधिकारी एमएल द्विवेदी, सुरेश चंद्र, पंकज गोयल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक आरके करवरिया, डीडीएम संतोष कुमार श्रीवास्तव, नरोत्तम सिंह, अमितेश, राजेंद्र सहित जीजीआईसी, जेएम बालिका इंटर कालेज की छात्राएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।