चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोस्थली में राष्ट्रीय रामायण मेले का 48 वां महोत्सव 11 से 15 मार्च तक होगा। मेले में रामकथा के विद्वानों के व्याख्यान, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सौहार्द के कार्यक्रम कराए जाएंगे। कार्यक्रम स्थल का सीडीओ व उपकृषि निदेशक ने निरीक्षण किया।
राष्ट्रीय रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश करवरिया व महामंत्री करुणा शंकर द्विवेदी ने संयुक्त रूप से सीतापुर स्थित रामायण मेला भवन में पत्रकारों को बताया कि मेले का उद्घाटन 11 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ के करने की संभावना है।
मेले में पद्मविभूषित जगद्गुरु रामभद्राचार्य , जगदगुरु रामानुजाचार्य, स्वामी वासुदेवाचार्य अयोध्या, जगदगुरु रामस्वरूपाचार्य शिरकत करेंगे। रामकथा के शोधपरक मर्मज्ञ विद्वानों में प्रोफेसर मिथला प्रसाद त्रिपाठी इंदौर, डा. देवेंद्र चंद्र दास गुवाहटी, डा. अशोक कुमार द्विवेदी चेन्नई, डा. बंगरैया शर्मा हैदराबाद, डा. अवधेश शुक्ला वर्धा, पं.रामदेव शर्मा मुजफ्फरपुर, मानस मुक्ता यशुमती बिहार, डा. सभापति मिश्रा प्रयागराज, लक्ष्मण शिवहरे नागपुर आदि प्रतिभाग करेंगें। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्मों में उप सांस्कृतिक क्षेत्र प्रयागराज के कलाकार 12 एवं 14 मार्च को लोक नृत्य एवं लोकगीत प्रस्तुतियां देंगें। 13 मार्च को कथक केंद्र नई दिल्ली, नटवरी नृत्य एवं यश चौहान नई दिल्ली ध्वनि एवं प्रकाश के माध्यम से संपूर्ण रामायण 14 मार्च, गुरु राजकिशन महाराज नई दिल्ली लघु रामायण एवं 15 मार्च को गुरु राजेंद्र नई दिल्ली के दल पुरुषोत्तम नृत्य नाटिका, 11 मार्च को पर्णिका श्री का कथक नृत्य आकर्षण का केंद्र होगा। सायं सात बजे से श्रीराम एवं श्रीकृष्ण काव्यों के आधार पर नृत्य संगीत, रामायण आदि कार्यक्रम होंगे।
इस मौके पर पूर्व सांसद भैरों मिश्र , पंकज अग्रवाल, लालू दुबे, घनश्याम अवस्थी, कलीमुददीन बेग, मो. युसूफ, मो. इम्त्यिाज, नत्थू सोनकर, आशीष पांडेय, राजाबाबू पांडेय व सत्येंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे। परिसर में कृषि मेला भी लगेगा।
चित्रकूट। मेला समिति के पदाधिकारियों की माने तो साल 2020 के रामायण मेले को प्रदेश शासन ने संज्ञान में लेकर सीएम योगी के प्रयास से 40 लाख रुपये का बजट स्वीकृत होकर जिले के अधिकारियों के खाते मेें आया लेकिन इसमें सिर्फ 15 लाख 74 हजार रुपये ही मिले बाकी का कोई हिसाब नहीं है। करुणा शंकर ने बताया कि शुक्रवार को जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला से मिलकर जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने रुपये आवंटन न होने पर अधीनस्थों की फटकार लगाई और जल्द धनराशि आवंटन करने के निर्देश दिए।
तुलसी जन्मोत्सव की भव्यता की रूपरेखा बनी
राजापुर। तुलसी जन्म कुटीर के कथा सभागार में शुक्रवार को आगामी 6 अगस्त को होने वाली तुलसी जन्मोत्सव धूमधाम से मनाने की योजना बनाई गई। बैठक बनारस से पधारे राजेंद्र पांडेय के नेतृत्व में हुई। जिसमें पूर्व शिक्षक रामगणेश पांडेय ने कहा कि तुलसी विश्व को ज्ञान, विज्ञान देने वाले एक ईश्वर के पैगंबर थे। राजापुर क्षेत्र के हर घर में तुलसी का जन्म हुआ है। मुंबई से आए प्रसिद्ध भजन गायक प्रेमप्रकाश दुबे ने कहा कि तुलसी के इस जन्मस्थली को विश्व पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की जरूरत है। इस बैठक में चंद्रप्रकाश खरे, श्यामसुंदर मिश्रा, हरदयाल शुक्ला, रामाश्रय त्रिपाठी, शिवपूजन गुप्ता, शिवशंकर सिंह, सुभाषचंद्र अग्रवाल व भरतलाल जायसवाल आदि मौजूद रहे। (संवाद)