(सुधीर अग्रवाल)
चित्रकूट। हनुमान मंदिर के दर्शन करने को भक्तों को 500 से अधिक सीढ़ियां नहीं चढ़नी पडेगी। इसके लिए यूपी-एमपी सरकार की मुहिम आखिर रंग लाएगी। एक साल के अंदर भक्त रोपवे से ऊंचे पर्वत पर जाकर दर्शन कर सकेंगे और उसी से आसानी से नीचे भी आ सकेंगे। इसके लिए महज कुछ रुपये ही खर्च करने हाेंगे और समय की बचत होगी।
जिले के देवागंना मार्ग से रामघाट की ओर जाने वाले रास्ते पर विंध्यपर्वत की श्रंखला पर मप्र क्षेत्र के हनुमानधारा पर्वत पर हर मंगल व शनिवार के अलावा विशेष पर्वों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसके लिए भक्तों को 500 से अधिक सीढ़ियां चढ़कर ऊंचे पर स्थित हनुमान मंदिर पहुंचना पड़ता है।
मप्र सरकार के प्रयास से इस महत्वाकांक्षी योजना का श्रीगणेश हो चुका है। इस रोपवे को बनाने का ठेका कोलकाता की कंपनी दामोदर रोपवे प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। जिसके डीजीएम एसके तिवारी व कंपनी के कई अधिकारीगणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कर खुदाई शुरु करा दी है। जिससे स्थानीय लोगों के अलावा दूर से आए श्रद्धालुओं ने भी खुशी जताई है।
8 करोड़ से एक साल में बनेगा रोपवे
चित्रकूट। यह रोपवे कुल 325 मीटर लंबाई को होगा। जिसकी लागत लगभग आठ करोड़ रुपये है। दामोदर रोपवे प्राइवेट कंपनी के डीजीएम तिवारी ने बताया कि इस योजना में कोई सरकारी या स्थानीय अडंगा न आया तो एक साल के अंदर काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बनने से श्रद्धालुओं की भीड़ बढेगी। रोपवे के लिए शुल्क आदि के निर्धारण प्रशासन करेगा।
पर्यटकों की बढ़ेगी संख्या
चित्रकूट। इधर चित्रकूट डीएम मोनिका रानी ने बताया कि इस रोपवे के बनने से पयर्टकों व भक्तों की संख्या में बढोत्तरी होगी तो लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसी प्रकार यूपी क्षेत्र के परिक्रमा मार्ग पर लक्ष्मण पहाड़ी में भी रोपवे का काम जल्द पूरा कराया जाएगा।