डीएम नीलम अहलावत ने संस्थागत प्रसव के लक्ष्य के
सापेक्ष गत वर्ष की तुलना में कम प्रसव पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने
सीएमओ को निर्देश दिए कि इस कार्य में रुचि न लेने वाले प्रभारी
चिकित्साधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दें।
साथ ही चेतावनी जारी
की जाए। टीकाकरण में भी प्रगति कम देख जिलाधिकारी ने सीएमओ से कहा कि सभी
प्रभारी चिकित्साधिकारियों का वेतन रोका जाए, तभी ये कार्यों में सुधार
लाएंगे।
डीएम बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता
कर रही थीं। उन्होंने 2014-15 में 31 मार्च तक कराए गए कार्यों की समीक्षा
की। डीएम ने पाया कि संस्थागत प्रसव के लक्ष्य 20315 के सापेक्ष 17391
हासिल हुआ है। गत वर्ष की तुलना में भी 1145 प्रसव कम पाए गए।
इससे
खफा ने सीएमओ से इसमें रुचि न लेने वाले चिकित्साधिकारियों के खिलाफ
कार्रवाई को कहा। नियमित टीकाकरण में भई लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम मिली।
इस पर डीएम ने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों का वेतन रोका जाए,
तभी कार्यों में सुधार लाएंगे।
आशाओं के शत प्रतिशत प्रशिक्षण में
हीलाहवाली पर भी वह नाराज दिखीं। डाटा फीडिंग कम पाए जाने पर उन्होंने डाटा
इंट्री आपरेटरों की गाइड लाइन के अनुसार नई भर्ती को कहा।
कहा कि
अगर चिकित्साधिकारी सपोर्टिव सुपरविजन की रिपोर्ट और अनुबंधित वाहनों की
लागबुक के अलावा भ्रमण न करें तो इनके खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।