हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में कार्यरत 18 हजार कर्मचारियों को इस बार बढ़ा वेतन मिलेगा।
उद्योग विहीन जिले में तेंदू पत्ता से हजारों मजदूरों को एक सीजन में इतनी मजदूरी मिल जाती है कि चार-पांच महीने आराम से उनका परिवार पल जाता है। जिले में तेंदू पत्ते का इतना महत्व है कि इसे हरा सोना भी कहा जाता है।
उद्योगपति इसे नीलामी में खरीदते है, इसलिए यह डाकुओं के लिए भी मुनाफे का सौदा है। कुख्यात डाकू ददुआ के जमाने से अभी तक हुए सभी डाकू तेंदू पत्ता तोड़ान शुरू होते ही रंगदारी वसूलते रहे हैं। डाकू तोड़ान करने वाले मजदूरों और फंड मुंशियों को शिकार बनाते हैं।
वन निगम के माध्यम से जिले में हरे सोने के तोड़ान का काम शुरू हो चुका है। डीएलएम एके तिवारी ने बताया कि इस साल का लक्ष्य 31 हजार बोरा है। इसके लिए 350 फंड, 45 इकाई और सात सेक्शन में बांटकर काम जारी है।
उन्होंने माना कि तोड़ान के दौरान दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में अक्सर मजदूरों और वनकर्मियों पर हमले की संभावना बनी रहती है। क्षेत्र में इससे जुड़ी कई गंभीर घटनाएं भी हो चुकी हैं। शुक्रवार की रात अनुसुइया जंगल में भी हुई घटना को इसी से जोड़ा जा रहा है।
इस काम में वन निगम स्थानीय मजदूरों से ही जंगल में काम कराता है। लाखों रुपये के सौदे में डाकुओं का हस्तक्षेप हमेशा रहा है। लगभग 35 साल पहले ददुआ ने इस परंपरा को शुरू किया था। उसके बाद अन्य डाकू सरगनाओं ने भी इस हरे सोने को पाने के लिए कई घटनाएं की है।