चित्रकूट। गांव के चौकीदार व एक अन्य को रास्ते में बेवजह पीटने व जान से मारने की धमकी के मामले में डाकू जुग्गी पटेल को अदालत ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सात हजार पांच सौ रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
16 अप्रैल 2014 को जारोमाफी निवासी कामता ने मारकुंडी थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि रात में उसका भाई गेंदालाल चौराहे पर था और गांव का चौकीदार नन्हें अपने घर जा रहा था। तभी वहां पहुंचे असलहाधारी डाकू बलखडिया गैंग के डकैतों ने दोनों से गालीगलौज करते हुए मारपीट की।
इस मामले में डाकू बलखडिया, दस्यु जुग्गी पटेल, दस्यु बबुली कोल, चुन्नी पटेल, संजय व लवकुश आदि के शामिल होने की बात सामने आई थी। जिसमें पुलिस ने संजय और लवकुश के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जबकि फरार होने के कारण शेष आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई थी। जिसमें बाद में सुदेश पटेल उर्फ बलखडिया, बबुली कोल पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। साथ ही आरोपी चुन्नी पटेल की भी मृत्यु हो गई थी। जबकि जुग्गी पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जो अब तक जेल में बंद है।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश राममणि पाठक ने इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर कर्वी कोतवाली क्षेत्र के बरमपुर गांव के निवासी डाकू जुग्गी पटेल को पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा की सजा सुनाई गई।