चित्रकूट। 13 लाख लागत वाली इंटरलॉकिग सड़क एक साल बाद बनकर तैयार हुई। बमुश्किल तीन माह भी नहीं चली। यह कई जगह टूटने लगी। हैरत की बात यह है कि जिसकी निधि से यह सड़क बनी उन्हें ही यह पता नहीं कि कब इसका लोकार्पण हुआ। मौके पर उनके नाम का शिलापट भी लगा है। इसका पूरा भुगतान होने की भी जानकारी मिली है।
रामनगर क्षेत्र की छीबो ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग से बनी सड़क तीन महीने के अंदर ही कई स्थानों पर उखड़ गई। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई है। कहा कि सड़क गुणवत्तापूर्ण नहीं बनाई गई। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। बुंदेलखंड विकास निधि जिलांश के अंतर्गत उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड निर्माण इकाई ने ग्राम पंचायत छीबों में शीतलपुर तलाब पुरवा के लिए हनुमान मंदिर से लेकर कल्लू रैदास के घर तक लगभग 200 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क बनवाई है। 12 लाख 95 हजार की लागत वाली यह सड़क 2023-24 में तैयार होनी थी, जो एक साल बाद जनवरी में तैयार हो पाई। तीन महीने में ही सड़क कई स्थानों पर उखड़ गई।
कल्लू राम, छोटे लाल, दशरथ, रामप्रसाद, दिनेश, हुबलाल का आरोप है कि कार्यदाई संस्था ने ठेकेदार को पेटी काॅटेक्ट्रर के रूप में कार्य सौंप दिया। निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि इसमें वाहन चलाते समय ईंट हिलने लगती हैं। कई जगह पर उखड़ गई है। ग्रामीणों ने ठेकेदार व जिम्मेदारों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई कराने की मांग की है।
जिम्मेदारों के खिलाफ कराएंगे जांच
मऊ मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि छींबो से शीतलपुरवा तक खराब सड़क बनाने की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक मैंने इसका लोकार्पण नहीं किया है। मौके पर जाकर इसकी जानकारी करेंगे। जिम्मेदारों के खिलाफ जांच कराई जाएगी। इस सड़क का यदि भुगतान हो गया होगा तो ठेेकेदार से वसूली कराई जाएगी।