अवकाश के बाद बाहर निकलते छात्र
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अन्ना मवेशियों से परेशान किसान ने खेत के चारों ओर लकड़ी और बांस की बैरीकेटिंग कर दी। इससे स्कूल का मार्ग भी बंद हो गया। शनिवार की सुबह स्कूल पहुंचे छात्र और शिक्षक बैरीकेटिंग के कारण अंदर नहीं जा सके। प्रधानाध्यापिका ने एबीएसए और प्रधान को फोन लगाया, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया। मजबूरन सड़क पर ही छात्रों के साथ शिक्षिका भी बैठ गई। लगभग एक घंटे बाद पहुंचे ग्रामीणाें ने खेत मालिक को समझाकर स्कूल के रास्तेे की बैरीकेटिंग हटवाई। इसके बाद स्कूल का संचालन शुरू हुआ।
मुख्यालय से सटे ग्राम अहमदगंज के प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सविता सिंह ने बताया कि शनिवार को जब स्कूल पहुंची तो रास्ते पर बैरीकेटिंग लगी थी। कुछ देर बाद छात्र भी आ गए, लेकिन किसान छोटेलाल ने बैरीकेटिंग नहीं हटाई। बताया कि मामला बढ़ता देख एबीएसए व प्रधान को फोन से सूचना देनी चाही लेकिन दोनों के फोन नहीं उठे। मजबूरन सभी छात्र व शिक्षिका सड़क पर ही बैठ गए।
इसकी जानकारी होने पर एक घंटे बाद कई ग्रामीण स्कूल पहुंचे। किसान छोटेलाल के साथ सभी ने बातचीत की। छोटेलाल ने बताया कि प्रधानाध्यापिका अक्सर उसकी जमीन पर कब्जा करने की नियत से कहती हैं कि यहां स्कूल का भवन बनना है। इस पर जुताई बुआई मत करो। खेती के अलावा उसके पास कोई और चारा नहीं है। अब खेत में ज्वार व अन्य फसल तैयार होने पर अन्ना मवेशी नुकसान कर रहे हैं। इस कारण उसने खेत की बैरीकेटिंग की है।
काफी देर तक समझाने के बाद आखिरकार किसान छोटेलाल ने स्कूल का रास्तेे की बैरीकेटिंग हटाकर पूरे भवन के किनारे से है। इसके बाद स्कूल खुला। पंजीकृत 45 छात्रों में 42 आए थे। स्कूल से लौटकर प्रधानाध्यापिका ने घटना की पूरी जानकारी बीएसए कार्यालय में दी है।