चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव विदुषी मेहा द्वारा जिला कारागार का वर्चुअल निरीक्षण किया गया। कहा कि प्रत्येक बंदी को निशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार है।
मंगलवार को निरीक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने उपस्थित समस्त बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि जेल में निरुद्ध किसी बंदी का कोई अधिवक्ता नहीं है, तो वह विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नि:शुल्क अधिवक्ता, विधिक सहायता प्राप्त करने का हकदार है। 27 बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के बारे में बताया गया। निरीक्षण के दौरान कुछ महिला एवं पुरुष बंदियों से बात कर उनकी समस्याओं को जाना गया तथा उसके निराकरण के लिए जेलर को निर्देशित किया गया सचिव ने बंदियों को कोरोना महामारी से बचाव के संबंध में लापरवाही न बरतने, मच्छरों से बचाव रखने, बदलते मौसम में और भी अधिक सतर्कता बरतने, मास्क सैनिटाइजर के अनिवार्य प्रयोग व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए।