रामनगर ब्लाक के रगौली गांव में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र भी बदहाल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां इलाज में लापरवाही बरती जाती है। गुरुवार को
रामनगर के चिकित्साधीक्षक और टीम ने गांव जाकर लोगों को दवाएं दीं।
उन्होंने बताया कि अब गांव में हालात सामान्य हैं। उधर, एएनएम सरला देवी ने
बताया कि गांव में फिलहाल राधा पुत्री फूलचंद्र और रामसंवारी पुत्री बब्बू
को ही खसरे से बीमार पाया गया है।
इसके अलावा सामान्य बुखार से भी करीब 20
बच्चे बीमार हैं। इन सभी को दवाएं दी गई हैं। गांव के लवलेश ने बताया कि
उसके बच्चे को भी खसरा हुआ था, पर गांव में ठीक नहीं हुआ तो उसने बाहर जाकर
इलाज कराया। उधर, एएनएम ने दावा किया कि समय - समय पर दवा का छिड़काव
कराया जाता है।
ग्राम प्रधान रामचंद्र तिवारी ने बताया कि वह बीमार थे
और इसलिए एक महीने से बाहर इलाज करा रहे थे। मेरी जानकारी में तो दवा का
छिड़काव नहीं किया गया। एएनएम भी कभी कभार ही आती हैं।
गांव में हैंडपंपों
के आसपास और घरों के बाहर गंदगी ही बीमारी की वजह बताई जा रही है।
हैंडपंपों के आसपास गंदा पानी होने और जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने से
बीमारियां फैल रही हैं। डॉ. पांडे ने बताया कि ग्रामीणों को साफ सफाई से
रहने और खानपान में स्वच्छता रखने को कहा गया है।