लालापुर के वाल्मिकि आश्रम में महंत भरतदास व डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल को महर्षि की तस्वीर देते स
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चित्रकूट। महर्षि वाल्मीकि के जयंती पर लालापुर स्थित वाल्मीकि आश्रम में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमेें धर्मनगरी के साधू संतों सहित जिलाधिकारी ने महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति की विधि विधान से पूजा पाठ किया।
वाल्मीकि आश्रम में बुधवार को साधू संतों व जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने महार्ष वाल्मीकि का विधि-विधान से पूजा पाठ किया। एक साथ मिलकर हवन किया। इस मौके पर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने कहा कि इस धार्मिक स्थान का विकास कराया जा रहा है। जिसमें परिक्रमा मार्ग भी बनवाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस आश्रम में आये। उन्हीं के आदेश पर यहां का विकास कार्य कराया जा रहा है। वाल्मीकि आश्रम के महंत भरतदास ने कहा कि भगवान श्रीराम माता सीता के साथ इसी आश्रम मेें आए। इस आश्रम में आने से मनोकामना पूर्ण होती है। कार्यक्रम का संचालन साकेत बिहारी शुक्ल ने किया। इस मौके पर महंत दिव्यजीवदास, संत कमलदास, निर्मोही अखाड़ा के महंत शिवरामदास, नांदी हनुमान जी के महंत महेंद्र दास, बड़ा मठ के महंत वरुण प्रपन्नाचार्य, तुलसी गुफा के महंत मोहित दास मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भूपेश सिंह, समाजसेवी कमलेश कुमार मिश्र, विनोद मिश्रा प्रेम लाल वाल्मीकि, राकेश केसरवानी, शशिकांत, सानू गुप्ता आदि मौजूद रहे।
पूजा पाठ कर मनाई जयंती
चित्रकूट। वाल्मीकि आश्रम के अशावर देवी मंदिर के पास महंत कुटिलानंद के नेतृत्व में महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गई। सभी ने महर्षि के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। मंदिर के पुजारी अखिलेश्वरा आचार्य ने पूजन पाठ कराया। जिसमेें शत्रुघ्न प्रसाद, मुन्ना गुप्ता, दरबारी लाल, रविदास महराज आदि मौजूद रहे। विकास कार्यों को लेकर चर्चा की गई। महंत कुटिलानंद ने कहा कि सभी की भागेदारी से इस क्षेत्र का विकास कार्य कराया जाये। बताया कि विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल जब चित्रकूट आये थे तब उनसे इस मंदिर के विकास के लिए पत्र सौंपा गया था। तब से ही यह प्रक्रिया चल रही थी। 2017 में पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र को भी इस क्षेत्र का विकास कराने के लिए पत्र दिया गया था। वही धर्मनगरी के मठ मंदिरों में भी जयंती मनाई गई। संवाद
लालापुर के वाल्मिकि आश्रम के अशावर माता मंदिर के पास महर्षि की मूर्ति के पास पूजन करते कुटिलानंद- फोटो : CHITRAKOOT