चित्रकूट/मऊ। मऊ थाने में भाजपा नेता के नाबालिग बेटे और दोस्त की पिटाई के मामले में अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। उधर, थाने में हंगामा करने के आरोप में भाजपा नेता, नाबालिग पुत्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में घटना के दिन ही रिपोर्ट दर्ज हो गई। लॉकप से लेकर थाना परिसर में नाबालिगों की पिटाई और रिपोर्ट दर्ज होने को लेकर हृयूमन राइट्स लीगल नेटवर्क ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि प्रशासन मानवाधिकारों का दुरुपयोग करने वालों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
भाजपा नेता संदीप त्रिपाठी ने बताया कि उनके बेटे कोई दोष नहीं है। वह बाइक पर पीछे बैठा था। जाम के दौरान पुलिसकर्मियों ने गाली गलौज कर पीटा, फिर विरोध करने पर थाने व लॉकप में मारा पीटा। वह पुत्र को छुड़ाने पहुंचे तो उनके साथ भी पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की। तीन दिन से उनकी तहरीर पर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है। दावा किया कि बेटे को डंडों से पेट, पीठ, कूल्हे, जांघ, पैर व हाथ में बेरहमी से पीटा गया है। मेडिकल रिपोर्ट में भी प्रशासन डॉक्टरों को प्रभाव में लेकर हल्की चोट आना दिखाने का प्रयास कर रहा है। दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उधर इस मामले में हृयूमन राइट्स लीगल नेटवर्क के जिला संयोजक रूद्र प्रसाद मिश्र ने पुलिस कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नाबालिग के खिलाफ उन्हीं गंभीर धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी गई, जिसमें उसके पिता व समर्थकों को शामिल किया गया है।
प्रयागराज भेजे गए पुलिसकर्मियों के सैंपल
इस मामले में लाइन हाजिर दरोगा व पुलिसकर्मी के शराब के नशे में होने के आरोप में इनके सैंपल लिए गए हैं। बुधवार को इन सैंपल को प्रयागराज की लैब में जांच के लिए भेजा गया। मंगलवार को यह सैंपल वहां से लौट आए थे जिसमें पुलिस अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने की बात आई थी।
दो अधिकारी कर रहे जांच
इस मामले में दो अलग अलग जांच चल रही है। मऊ थाने के दरोगा की जांच में सीसीटीवी फुटेज , मारपीट, लॉकप में आने जाने वाले की पहचान, चौराहे पर विवाद के दौरान मौजूद लोगों से बयान आदि विषय हैं। इसके अलावा आरोपी पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच अपर एसपी कर रहे हैं। थाना प्रभारी विनोद राय ने बताया कि तीन दिन से जांच होने के कारण ही अभी भाजपा नेता की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई नहीं हुई है। किसी को बचाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही जांच कर रिपोर्ट एसपी को भेजी जाएगी।