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दुष्कर्म पीड़िता की गला दबाकर हत्या, ऑनर किलिंग का शक

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फोटो-13- पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन देते डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला व मौजूद पुलिस ट? - फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की किशोरी की सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत के मामले में अब ऑनर किलिंग की आशंका जताई जा रही है। दरअसल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की गला दबाने से मौत की बात सामने आई है। इसलिए पुलिस की जांच में नामजद तीन आरोपियों के अलावा उसके परिजन और अस्पताल में मेल मिलाप करने आए लोग भी शामिल हो गए हैं। किशोरी के प्राइवेट पार्ट में गहरी चोट के निशान नहीं हैं। बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।
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कि शोरी की मौत के बाद लगातार दो दिन से राजनैतिक माहौल भी गर्म है। इसी वजह से पुलिस ने तीनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर ही पकड़ लिया है। शनिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो कई सवाल भी खड़े हो गए। पहले लगाए जा रहे कयास गलत साबित हुए। थाना प्रभारी पहाड़ी अजीत पांडेय ने बताया कि मौत का कारण गला दबाना सामने आया है। किशोरी के शरीर में ज्यादा गंभीर चोट के निशान नहीं हैं। अंदरूनी पार्ट में भी कोई चोट नहीं है, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि है।
दरअसल किशोरी को दुष्कर्म की घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गला दबाने की घटना इसी बीच हुई। सवाल उठता है कि इस बीच किसने किशोरी को मार दिया। पुलिस इन्हीं बिंदुओं की तलाश कर रही है।
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बुधवार की घटना को परिजनों की ओर से पुलिस को न बताने और गुरुवार की रात अस्पताल में मौत के बाद शुक्रवार को मामला सार्वजनिक होने की वजह से आरोपियों के अलावा परिजन और अन्य कई लोग भी जांच के घेरे में हैं। नामजद आरोपियों की किशोरी के पास मौजूदगी के सीसीटीवी फुटेज और गवाह ढूंढे जा रहे हैं। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तीनों मुख्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
बार बार बदले बयान, हर बार नया शक
पहाड़ी। तीन दिन में मृतका की मां का बयान छठवीं बार बदला। इससे हर बार नया शक सामने आया।
शनिवार को जब सदर विधायक से लेकर कई नेता उनके दरवाजे न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे थे तो मां ने कहा कि उसकी बेटी को अस्पताल में ग्लूकोज में जहर मिलाकर मार दिया गया। किसने जहर मिलाया और अस्पताल में उनसे मिलने कौन कौन आया इसका जवाब नहीं दिया।
इसके बाद कहा कि घटना के दिन ही जब बेटी के साथ दुष्कर्म होते पाया था तो आरोपी बेटी की गर्दन दबा रहा था। बाद में कहा कि जब वह पहुंचे तो आरोपी नहीं मिले थे, सिर्फ बेटी मिली थी। ग्रामीणों की मानें तो आरोपियों का महिला के घर आसानी से आना जाना था।
धरने में जब मृतका के घर के पास सदर विधायक व अन्य दल के नेता बैठे थे तो पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपी पकड़ गए हैं, लेकिन किसी को विश्वास नहीं हुआ। नेताओं ने मांग की कि तीनों की थाने में बैठे फोटो दिखाई जाए। इसके बाद आर्थिक मदद और शस्त्र लाइसेंस दिलाने के लिए लिखित आश्वासन पर ही धरना खत्म हुआ। 31 घंटे तक चले इस घटनाक्रम में कई बार तनाव की स्थिति बनी।
पुलिस की बनी रही आफत
चित्रकूट। शुक्रवार की सुबह दस बजे से लेकर शनिवार की शाम पांच तक चले घटनाक्रम में अतर्रा सीओ व उनकी टीम को भी बुलाया गया। राजापुर पहाड़ी के अलावा गनीवां चौकी की पुलिस टीम लगातार गांव के आस पास तैनात रही। दो दिन में एसपी को दो बार और डीएम को एक बार गांव आना पड़ा। आखिर में शांतिपूर्ण तरीके से आश्वासन पर सब कुछ निपटा तो जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
पूर्व सीएम के ट्वीट के बाद दौडे़ बसपाई
चित्रकूट। पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा मुखिया मायावती ने किशोरी के साथ हुई घटना की निंदा की। उन्होंने परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की। इसके बाद कई बसपा नेता शनिवार को मृतका के गांव पहुंचे।
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