राजापुर (चित्रकूट)। संत मोरारी बापू ने कहा कि रामचरित मानस के रचयिता की जन्मभूमि पर आकर रोमांचित महसूस करता हूं। उनकी रचनाओं में दुनिया को शांति का संदेश देने का सार है। सोमवार को चार दिवसीय तुलसी साहित्य समागम कार्यक्रम की शुरुआत राजापुर कस्बे के तुलसी रिसाॅर्ट में हुआ। मंच में कई प्रख्यात संतों ने श्रीराम व हनुमान के चरित्र पर कथा सुनाई। बड़ी संख्या में संत सहित भक्त मौजूद रहे।
संत धराचार्य महाराज ने कहा कि तुलसी की जन्म स्थली में गंगा जमुना सरस्वती का संगम देखने को मिल रहा है। संत तुलसीदास की जन्म स्थली के साथ ही यहां कुछ ही दूर पर वाल्मीकि ऋषि व ऋषि व्यास की जन्म स्थली है। महर्षि वाल्मिक व गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीराम के चरित्र की कथा का वर्णन कर मानव जीवन को बहुत कुछ दिया है। संत मोरारी बापू तुलसीदास की जन्म स्थली में संत समागम कार्यक्रम के द्वारा अच्छा कार्य करा रहे हैं। कहा कि भगवान भक्तों की रक्षा करते है। भक्ताें को भगवान के प्रति हमेशा परतंत्र रहना चाहिए।
जमुनिया के संत अखिलेश दास उपाध्याय ने कहा कि रामचरित मानस मात्र वृद्धों के पढ़ने के लिए नहीं है यह नौजवानों की संपत्ति है। तुलसीदास रचित श्रीराम चरित मानस विश्व के 170 देशों में पढ़ी जाती है। यह गौरव का विषय है।
कामदगिरि पीठाधीश्वर राम स्वरूपाचार्य,विष्णु स्वामी सम्प्रदाय के शंकराचार्य संतोषाचार्य, कथाव्यास यशोमति, मऊरानीपुर के युवा व्यास शशि शेखर, मदन गोपाल दास सहित बड़ी संख्या में संत व भक्त मौजूद रहे।
चित्रकूट। सोमवार को विशेष विमान से संत मोरारी बापू चित्रकूट के देवांगना हवाई पट्टी पर पहुंचे। नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र कुमार गुप्ता ने फूल माला से उनका स्वागत किया। इसके बाद वहां मौजूद भक्तों ने फूलों की बारिश की। मोरारी बापू तुलसी कुटीर में चल रहे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। जहां वृंदावन के संत रामदास जी महाराज की कथा सुनी। इसके बाद राजापुर में पूर्व सांसद आरके पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव मिश्रा, डीसीबी अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, ब्लाक प्रमुख सुशील द्विवेदी, मधुरेंद्र प्रताप सिंह व मनोज द्विवेदी आदि मौजूद रहे।