चित्रकूट/खोही। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह गुरुवार से शुरू हुआ। पहले दिन गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
गोष्ठी में विवि के आजीवन कुलाधिपति जगदगुरु रामभद्राचार्य के योगदान पर चर्चा हुई। गोष्ठी का शुभारंभ उप्र हिंदी संस्थान लखनऊ की प्रधान संपादक डॉ. अमिता दुबे व विवि के कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पांडेय ने किया। मुख्य अतिथि डॉ. अमिता दुबे ने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य राष्ट्र निर्माण के लिए भगवान श्रीरामचंद्र के किए कार्यों को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। कुलपति ने कहा कि उनके प्रयासों और कार्यों से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
डॉ. महेंद्र कुमार, डॉ. प्रमिला मिश्रा, डॉ. तरुण सिंह ने कहा कि जगद्गुरु खुद दिव्यांग हैं, लेकिन उन्होंने दिव्यांगों के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना की। इससे आज कई दिव्यांग इस विश्वविद्यालय में पढ़कर भविष्य संवार रहे हैं। इस मौके पर पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, कुलाधिपति के निजी सचिव रमापति मिश्रा, कुलसचिव मधुरेंद्र कुमार पर्वत व पीआरओ सुधीर कुमार भी मौजूद रहे।
पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने गाई कजरी
विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में पहले दिन अंतरराष्ट्रीय एवं वैदिक शोध संस्थान लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ के सहयोग से संगीत कार्यक्रम हुए। मिर्जापुर से आयी पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने कजरी गीत प्रस्तुत किया। बांदा के कलाकारों ने कृष्णपाल के नेतृत्व में दीवारी नृत्य प्रस्तुत किया।