मऊ क्षेत्र के परदवंा के पास मजरे के एक घर में घुसता पानी और बीच में फं से ग्रामीण।
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इस वर्ष जिले में हुई जोरदार बारिश कच्चे मकानों पर आफत बन कर गिरी। मकान गिरने से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। अभी भी कच्चे घरों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं कि कही फिर से बारिश न आ जाए।
लगभग एक हजार से अधिक कच्चे मकान ग्रामीण इलाकोें में गिरे या आंशिक टूटे चुके हैं। जिनका चिन्हांकन कर आर्थिक सहायता दिलाने का कार्य प्रशासनिक अधिकारी कर रहे हैं।
इस वर्ष अगस्त माह में कई दिनों तक लगातार हुई बारिश से कई कच्चे मकान भरभराकर गिर गये। जिससे लोगों के पास रहने का ठिकाना तक नहीं है। घर गिर जाने अलग अलग
स्थानों में तीन लोगोें की मौत भी हो गयी।
जिसमें राजापुर क्षेत्र के खोपा गांव में एक वृद्ध सहित भरतकूप क्षेत्र के भगवतपुर गांव में महिला की मौत हो गयी। मंदाकिनी नदी के किराने बसे मजरों में बाढ़ आने के बाद कई ग्रामीणों के घर गिर जिसका मुआवजा पाने के लिए जिलाधिकारी से मिलकर ग्रामीणों ने जानकारी भी दी।