बारिश थमने के बाद अब हालात सुधरने लगे हैं। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों का बचाव करने आयी एनडीआरएफ टीम अभी भी डटी हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ितों को चिंहित करने के बाद आर्थिक सहायता देना शुरू कर दिया है। क्षेत्र में एक हजार से अधिक कच्चे घर गिर गये हैं। रानीपुर का रपटा टूट जाने से आवागमन अभी भी बंद है।
पाठा क्षेत्र में बहने वाली बरदहा नदी व आसपास के उफनाए नाले व बांध का जलस्तर कम हो जाने व बारिश रूक जाने के बाद से स्थिति सुधरने लगी है। बाढ़ से प्रभावित लोग सुरक्षित स्थानों में पहुंच गए हैं। प्रशासन के साथ समाजसेवी उनके भोजन व इलाज की व्यवस्था कर रहे हैं।
इसके विपरीत बाढ़ व बारिश का पानी सकरौहा चमरौहा सहित कई गांवों के आसपास भरा होने से ग्रामीणों को मानिकपुर सहित दूसरे गांवों में आवागमन अब भी ठप है। बारिश से गिरने वाले अधिकतर घर कोल आदिवासियों के हैं। जिन्हें आर्थिक सहायता दिलायी जा रही है।
बाढ़ से प्रभावितों से मिलने के लिए सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा, सदर विधायक वीरसिंह पटेल, सपा जिलाध्यक्ष भइयालाल यादव, नरेद्र कुमार गुप्ता, रमन मिश्रा, मानिकपुर विधायक चन्द्रभान सिंह व बसपा नेता जगदीश गौतम, भाजपा नेता चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, अरूण पटेल, रामप्रकाश मिश्रा, सहित अन्य दलों के नेता गए।
मानिकपुर एसडीएम रामसकल मौर्या ने बताया कि बारिश से रानीपुर रपटा टूट जाने से उस क्षेत्र का आवागमन बंद है। जिसको चालू करने का प्रयास में वह अपनी टीम के साथ डटे हुए हैं। जिन लोगों के घर गिरे हैं। उन्हें चिंहित किया गया जा रहा है।
अभी तक आठ सौं घर गिरने की जानकारी हुई है। कुल हजार से अधिक घर गिरे हैं। पीड़ितों को चिंहित करने के बाद 423 पीड़ितों को सहायता दी गई है। रानीपुर रपटा टूट जाने पर उस क्षेत्र का आवागमन बंद है। जिसको चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।