चित्रकूट। भागलपुर सुपर फास्ट के एस-वन कोच की कपलिंग टूटने के मामले में रेलवे अफसरों की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया। बराहमाफी में खड़े एस-वन कोच की जांच की और क्षतिग्रस्त कपलिंग मैटेरियल को भी परखा। बाद में जांच के लिए इंजन से एस-वन कोच को रीवा भेजा गया। साथ ही क्षतिग्रस्त कपलिंग की अब प्रयोगशाला में जांच होगी। उसे लखनऊ भेजा जाएगा।
दरअसल, पश्चिम मध्य रेलवे का मुंबई-हावड़ा ट्रैक चित्रकूट से निकला। इस रूट पर रविवार रात को मुंबई से यात्रियों को लेकर भागलपुर सुपर फास्ट ट्रेन भागलपुर जा रही थी। सतना-मानिकपुर रेल खंड पर रात को ट्रेन पास हो रही थी। इसी बीच मझगवां और टिकरिया रेलवे स्टेशन के मध्य जोरदार झटके में भागलपुर सुपर फास्ट ट्रेन में शामिल एस-वन कोच की कपलिंग टूट गई थी। इससे ट्रेन के चार कोच पीछे छूट गए थे। जबकि इंजन समेत 18 कोच करीब 100 मीटर आगे निकल गए थे।
गनीमत यह रही है कि इस हादसे में किसी के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस घटना में डीआरएम जबलपुर कमल कुमार तलरेजा ने तीन सदस्यीय टीम को जांच के आदेश दिए थे। जिस पर रेल पथ निरीक्षक संतोष सिंह, सतना स्टेशन मास्टर मतीन, आरपीएफ प्रभारी वीरेंद्र कुमार यादव, सेफ्टी काउंसलर आदि अफसरों की टीम सोमवार शाम को पहुंच गई थी। टीम ने पहले मौका मुआयना किया बाद में बराहमाफी में खड़े क्षतिग्रस्त एस-वन को देखा। मंगलवार को भी अफसरों की टीम ने विभिन्न पहलुओं पर जांच की।
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दो हिस्सों में टूटा मिला ऑपरेटिंग हैंडल
जांच में टीम ने पाया कि एस-वन कोच का ट्रेलिंग इंड का ऑपरेटिंग हैंडल दो हिस्सों में टूटा था। साथ ही कोच का आईवीसी कनेक्टर भी क्षतिग्रस्त पाया। जांच में ट्रैक मैंटेनर विजय साहू व राजेश वर्मा को कोच का योक पिन घटनास्थल से एक किमी पहले मिला। वहां पर 30 किमी प्रतिघंटा का कॉशन बोर्ड भी लगा पाया। टीम ने क्षतिग्रस्त कपलिंग मैटीरियल को भी देखा। बाद में जांच के लिए इंजन के जरिए क्षतिग्रस्त कोच को रीवा रवाना किया गया।
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भागलपुर सुपर फास्ट के एस-वन कोच की कपलिंग टूटने की जांच टीम ने पूरी कर ली है। जांच के बाद कोच को रीवा भेज दिया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त कपलिंग मैटेरियल को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। पूरी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दो दिन में मिल जाएगी।
- नरेंद्र सिंह, एरिया मैनेजर
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