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चित्रकूट में दो सौ लोगों की जांच कर किया क्वारंटीन

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चित्रकूट। जिला प्रशासन का अब पूरा ध्यान जहां लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाना, वहीं बाहर से आ रहे लोगों को सीमा में ही रोककर होम क्वारंटीन करना। लॉकडाउन के सातवें दिन प्रशासन ने सीमा में प्रवेश करने वालों के लिए सीमा क्षेत्र में बनाए गए 21 अस्थायी होम क्वारंटीन पर विशेष नजर रखी। मंगलवार को बार्डर से जिले में घुस रहे दो सौ लोगों का जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इन सभी को बनाए गए अस्थायी क्वारंटीन सेंटरों में भर्ती करा दिया गया। ये सभी लोग रेल पटरी किनारे पैदल चलकर आए। वहीं बाजार में कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन की टीमों ने कई जगह छापे मारे।
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उधर, मंगलवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय और पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने फोर्स संग किराना व सब्जी की दुकानों में जाकर लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और तय रेट पर सामग्री बेचने की हिदायत दी। दोनों अफसरों ने बेचे जा रहे सामान व मूल्य के बारे में जानकारी ली, साथ ही दुकानदारों को कालाबाजारी न करने की हिदायत दी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सीडीओ और सीएमओ संग राजापुर, मानिकपुर, मऊ व सदर तहसील में बनाए गए अस्थायी क्वारंटीन सेंटर में मौजूद ग्रामीणों के भोजन, नाश्ता व स्वास्थ्य की जानकारी ली। अफसरों ने वहां ठहरे मजदूरों को भोजन के पैकेट दिए। कई स्थानों पर अव्यवस्थाएं देख सही कराने की हिदायत दी।
कुछ केंद्रों के बाहर ही मजदूर जमीन पर लेटे देखे गए। उधर, लॉकडाउन के सातवें दिन मंगलवार को भी अन्य प्रांतों में रहने वाले मजदूरों का पलायन जिले की ओर जारी रहा। सुबह से मुख्यालय समेत जिले के कई कस्बोें में बाहर से आए कई युवक सड़कों में घूमते हुए नजर आए। नगर पालिका, रुकमणि सेवा संस्थान, बुंदेली सेना व समाजसेवी जयशंकर मिश्रा आदि ने भोजन खिलाया। उधर, अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य आशीष सिंह ने कोरोना क्वारंटीन वार्ड के लिए 50 बेड देने की घोषणा की। जिले में कई स्थानों पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाहर से गांव पहुंचे कुछ संदिग्ध लोगों के बारे में अफसरों को जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक इन बाहरियों के स्वास्थ्य की जांच तक नहीं की गई।
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जरूरी समान लेने निकले बाशिंदे
चित्रकूट। लॉकडाउन होने पर जिले में मंगलवार को शहर व ग्रामीण क्षेत्र में जरूरी सामान लेने बाशिंदे अपने अपने घरों से निकले। बाकी समय अपने घर के अंदर ही रहे। जिले के मानिकपुर, राजापुर, मऊ व पहाड़ी, भरतकूप व शिवरामपुर में भी लॉकडाउन का असर देखा जा रहा है। हालांकि, कई युवक घरों से निकाल कर बाहर घूमते रहते हैं। गली-मोहल्ले में क्रिकेट व घरों में एक साथ परिजन कैरम आदि खेलते नजर आते हैं।
सात बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया
चित्रकूट। जिला जेल के जेलर श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को गजाधर उर्फ अजय, दीपक कुमार यादव, गंगाप्रसाद, नंदकिशोर, शिवमिलन, बादल और भानू को 42 दिन की अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया है। गौरतलब है कि सोमवार को 18 बंदियों को जमानत पर छोड़ा गया था। जेलर के अनुसार, अभी और बंदी जमानत पर छोडे़ जाएंगे।
डीएम बोले, दो सौ शय्या अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। डीएम शेषमणि पांडेय ने कलक्ट्रेट में कोरोना वायरस के रोकथाम एवं बचाव के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर सीएमओ को 200 शय्या अस्पताल पर भी सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश देते हुए दूरदराज के प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुले रखने को कहा। जिला पूर्ति अधिकारी और अधिशासी अधिकारियों से होम डिलीवरी कराने की बात कही। डीएम ने सभी एसडीएम को जरूरी वस्तुओं की कमी न होने देने को कहा और इस बाबत समय-समय पर चेकिंग कर रिपोर्ट एडीएम को उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने कहा कि अन्न वितरण में जो नोडल अधिकारी लगाए गए हैं, वह सभी गांव में मौजूद हर वितरण कराएं। कहीं से शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने गोशाला संचालन पर कोई असुविधा न होने के भी निर्देश दिए। कहा कि जिन अधिकारियों को जो दायित्व दिए गए, उनका निर्वहन करें। कहीं पर कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। डीएम ने एसडीएम को बाहरी जिलों से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करा क्वारंटीन करने के निर्देश दिए। डीआईओएस से कहा कि आवासीय स्कूलों की सूची तत्काल सीडीओ को उपलब्ध करा जो कमियां हो उन्हें दुरुस्त कराएं। उन्होंने सीएमओ से चेक प्वाइंटों पर चिकित्सा टीम तैनात करने और अस्पतालों में दवाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ डॉ महेंद्र कुमार, एडीएम जीपी सिंह, एएसपी बलवंत चौधरी, एसडीएम, बीडीओ आदि मौजूद थे।
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