बरगढ़। आयुष अपहरण व हत्याकांड के बाद रविवार को भी जनप्रतिनिधियों का परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देने का सिलसिला जारी रहा। सुबह से देर शाम तक कोई न कोई जनप्रतिनिधि उनके दरवाजे पर पहुंचता रहा और उन्हें ढांढस बंधाते रहे। जिले के अलावा दूसरे जिले के भी स्वजातीय जनप्रतिनिधि व व्यापारी पहुंचे और परिजनों को उनके संग कंधे से कंधा मिलाकर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
कस्बा निवासी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष केसरवानी का अपहरण के बाद हत्या ने हड़कंप मचा दिया है। पूरे जिले के लोगों में एक अलग सी सहानुभूति रही है। इस कारण व्यापारियों के साथ जनप्रतिनिधि भी परिजनों से मिलने घर पहुंच रहे हैं। सुबह बसपा के प्रतिनिध मंडल में जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रामलखन निषाद, बसपा नेता रोहित सिंह पटेल, शिवबाबू गर्ग पहुंचे। इनके बाद बसपा से लोकसभा प्रत्याशी मयंक द्विवेदी व जनसत्ता दल के जिलाध्यक्ष कुनाल प्रताप सिंह भी पहुंचे।
कौशांबी के चायल के पूर्व विधायक संजय गुप्ता, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रवेश केसरवानी, महामंत्री राजेश अग्रहरि, शारदा केसरवानी, जमुना केसरवानी, प्रयागराज व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशांत केसरवानी, अजय केसरवानी, फतेहपुर के धाता के उत्कर्ष जायसवाल व सुनील केसरवानी पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मिले। इसी प्रकार जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगर पालिका कर्वी के चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता, डीसीबी चेयरमैन पंकज अग्रवाल भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।