चित्रकूट। बरगढ़ में कपड़ा व्यापारी के बेटे आयुष केसरवानी (13) के अपहरण और हत्या के बाद से परिजनों में आक्रोश और भय का माहौल है। परिवार अभी तक न तो गम न ही दहशत से उबर पाया है। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों ने पुलिस पर मुख्य आरोपी को बचाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पुलिस अब तक घटना में शामिल अन्य आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है जिससे परिवार को खतरा है।
आयुष का बृहस्पतिवार की शाम को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से परिजन दहशत में हैं और घर से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। मृतक आयुष के पिता अशोक केसरवानी ने बताया कि आरोपी दूसरे समुदाय से हैं और उन्होंने रुपये के लिए नहीं, बल्कि खुन्नस निकालने के लिए उनके बेटे की हत्या की है। पुलिस ने कल्लू को मुठभेड़ में मार गिराया है और इरफान को गोली लगी है। परिजनों का आरोप है कि इरफान का बचना संदेह पैदा करने वाला है। पुलिसकर्मी का असलहा छीनने के बाद भागे तो दोनों ही थे। कल्लू पर पुलिस का निशाना नहीं चूका, उसे तीन गोलियां लगीं। इरफान पर कैसे निशाना चूक गया।
वहीं परिजनों का कहना है कि शुक्रवार भोर पहर हुई मुठभेड़ के बाद से अब तक पुलिस इरफान के अन्य साथियों का सुराग भी नहीं लगा सकी है। इससे परिवार को लोगों में दहशत है। उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं दी गई है कि इरफान से पूछताछ में क्या सामने आया। जबकि नियमानुसार पुलिस को इस बारे में अवगत करना चाहिए था। परिजनों का आरोप है कि जिस मोबाइल और सिमकार्ड का इस्तेमाल किया गया उनके आरोपियों से कनेक्शन अब तक पुलिस नहीं खंगाल सकी है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है।