कचहरी में तब हड़कंप मच गया जब पेशी में आए तीन कैदी वाहन में चढ़ते समय चकमा देकर निकल भागे। पुलिसकर्मियों व कुछ लोगों की नजर पड़ी तो दौड़कर दबोच लिया गया। कोतवाल ओपी तिवारी ने बताया कि तीनों को कोतवाली लाया गया है और कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कचहरी हवालात मोहर्रिर रामऔतार पाल ने बताया कि सोमवार को बांदा जेल से कुल 34 कैदी तीन वाहनों से पेशी के लिए कर्वी लाए गए थे। वापस जाते समय गाड़ियों में दस दस कैदी बैठाए जा रहे थे।
पहली टोली के दस कैदियों को चढ़ाते समय तीन कैदी सरदार पुत्र शिवप्रताप निवासी बियावल (मऊ), जगपत पुत्र नत्थू और अखिलेश पुत्र जगपत निवासी सोतीपुरवा (राजापुर) चकमा देकर भागने लगे।
कुछ पुलिसकर्मियों और कचहरी में मौजूद लोगों की निगाह पड़ी तो तीनों को दौड़ाकर पकड़ लिया गया। बाद में एएसपी आरडी चौरसिया और कोतवाली प्रभारी ओपी तिवारी ने मामले की जानकारी की।
कोतवाल ने बताया कि तीनों को कोतवाली ले जाया गया है और मंगलवार को इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया कि सरदार कुख्यात अपराधी है, जिस पर हत्या लूट सहित कई मामले दर्ज हैं। जबकि जगपत और उसका पुत्र अखिलेश 2010 में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी हैं। कोतवाल ने अपने पास से पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों को पांच सौ रुपये दिए।