चित्रकूट। मनरेगा कार्य कराने के लिए अजीविका मिशन के तहत महिलाओं को मेठ बनाया गया है। जिन्होंने आरोप लगाया कि गांव के प्रधान उनको काम नहीं करने दे रहे हैं। उनको मिलने वाली धनराशि भी नहीं मिल रही है। जिसको लेकर परेशान हैं।
महिला मेठ गायत्री देवी, सुनीता, ज्वाला देवी ने बताया कि महिलाओं को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने अजीविका मिशन के तहत महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा कार्य को देखने के लिए मेठ का प्रशिक्षण दिया था। इसके बाद उनको गांव में मनरेगा के तहत होने वाले कार्य कराने के लिए लगा दिय गया था। लेकिन गांव के प्रधान काम नहीं करने देते। कोई न कोई अड़चन पैदा कर देते है। जिससे समस्या होती है। खंड विकास अधिकारी राजेश नायक ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बनाए गए नियमों के आधार पर महिला मेठ को कार्य करना होगा।