चित्रकूट - हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से चित्रकूट हवाईअड्डे पर व्यापक एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों की हाइजैकिंग जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारी का आकलन किया गया। इसमें हवाई जहाज अपहरण की काल्पनिक स्थिति पर सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया।
बुधवार को अभ्यास में हवाईअड्डा प्रबंधन, जिला प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय कानून प्रवर्तन और आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों की संयुक्त भागीदारी रही। मॉक ड्रिल के दौरान विमान अपहरण की एक काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिससे संचार प्रोटोकॉल, संकट प्रबंधन रणनीतियों और सामरिक संचालन की प्रभावशीलता का परीक्षण किया जा सके। ड्रिल की निगरानी कर रहे अधिकारियों ने यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के अभ्यासों के महत्व पर जोर दिया। विमानपत्तन निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि यह मॉक ड्रिल हमारी प्रतिक्रिया तंत्र में खामियों की पहचान करने और वास्तविक जीवन की आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को सुधारने में मदद करती हैं। अभ्यास में भाग लेने वाली एजेंसियों ने उच्च स्तर का समंवय और तैयारी का प्रदर्शन किया।
इस मौके पर एसडीएम मोहम्मद जसीम, एटीसी ईंचार्ज आलोक सिंह, एयरपोर्ट डायरेक्टर विनय गंगेले, पुलिस क्षेत्राधिकार कर्वी राजकमल, मुख्य सुरक्षा अधिकारी चित्रकूट पुष्पेंद्र कुमार, इंटेलिजेंस ब्यूरो चित्रकूट शिवाजी सिंह आदि मौजूद रहे।