चित्रकूट। जिले का किसान खाद की किल्लत से जूझ रहा है। खाद के लिए तीन-तीन दिन से समितियों के बाहर डेरा डालने को मजबूर है। बुवाई के समय खाद न मिलने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
गेहूं की बुआई के बाद डीएपी खाद का छिड़काव खेतों में डालना बहुत जरूरी है। लेकिन मौजूदा समय में अधिकांश सहकारी समितियों में खाद नहीं है। किसानों को खाद के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है। जिले के शंकर बाजार स्थित कोआपरेटिव सोसाइटी कर्वी, क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड मेें खाद नहीं है। यही हाल मंडी स्थित इफ्को की कृषक सेवा समिति में है। वही ग्रामीण क्षेत्रों में भी खुली सहकारी सेवा समिति में हाल बेहाल है। यदि समय से डीएपी खाद न मिली गेहूं की अच्छी पैदावार नहीं होगी।
तीन दिन से समितियों में किसानों का डेरा
चित्रकूट। शहर के शंकर बाजार स्थित कोआपरेटिव कर्वी क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड में खाद लेने आए कसहाई गांव के राजेश सिंह, कर्वी माफी गांव के महेश कुमार, चुनहापुरवा के लवलेश सिंह ने बताया कि डीएपी खाद जल्द नहीं मिल रही है। कई-कई बार सहकारी समितियों में चक्कर लगाना पड़ता है तब जाकर खाद मिलती है। वही गल्लामंडी के इफ्को सेवा केंद्र में डीएफी खाद लेने आए किसान कोठिलहाई गांव के भजराम, रामचंद्र व मैनहाई गांव के चंद्रपाल ने बताया कि यहां भी डीएपी खाद नहीं है। तीन दिन बाद मिलेगी।
समितियों में स्टाक का दावा
चित्रकूट। कोआपरेटिव सोसाइटी सहकारिता निबंधक नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले मे 39 सहकारी समिति कर्वी, चकौंध, परसौंजा, शिवरामपुर, खोही, घुरेटनपुर, रसिन, भारतपुर, इटखरी, पहाड़ी, औदहा, लोहदा, भदेदू, सरधुवा, बिहरवा, बरद्वारा, हरदौली, मऊ, बियावल, बरगढ़, गाहुर, खंडेहा, खप्टिहा, मानिकपुर, सरैया, ऊंचाडीह, रामपुर, किहुनिया, भौरी, रूकमाखुर्द एचवाराह हन्नाविनायका, नादिन कुर्मियान, छीबो के अलावा पीसीएफ कृषक सेवा केंद्र कर्वी व पीसीएफ सेवा कृषक सेवा केंद्र पहाड़ी खुले है। जिसमें कुल 2653.92 खाद मीट्रिक टन खाद भेजी गई है। जिसमें वितरण 2248.242 मीट्रिक हो गया है। सहकारी सेवा समितियों में शेष 385.25 मीट्रिक टन व पीसीएफ में 790 मीट्रिक टन का अभी स्टाक है।