चित्रकूट। पचास से ज्यादा बच्चों के यौन उत्पीड़न के मामले में सीबीआई के चंगुल में फंसे सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन का पोस्टर पुलिस जारी करेगी। ये पोस्टर बांदा, चित्रकूट और महोबा समेत उन जिलों के चौराहों और सड़कों पर चस्पा किए जाएंगे, जहां-जहां नौकरी के दौरान वह तैनात रहा है। पोस्टर जारी करने के लिए पुलिस अफसरों को सीबीआई की रिपोर्ट और उसके अपराधों की फेहरिस्त मिलने का इंतजार है।
प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं और बच्चियों के साथ किसी भी तरह की घटना को अंजाम देने वालों को समाज भलीभांति से जाने, इसलिए चौराहों-चौराहों पर ऐसे अपराधियों के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के तहत बच्चों और नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे सिंचाई विभाग कर्वी के जेई रामभवन का पोस्टर चौराहों पर लगाने की तैयारी पुलिस कर रही है।
पोस्टर में आरोपी जेई के साथ ही मददगारों के भी नाम उजागर करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। रामभवन व उसके मददगारों के पोस्टर न केवल चित्रकूट, बांदा, महोबा के अलावा उन जिलों में लगाने की तैयारी की गई है, जहां वह तैनात रहा है।
पुलिस अफसरों के अब बस सीबीआई के जेई की गिरफ्तारी की रिपोर्ट और अपराधों की फेहरिस्त मुहैया कराने का इंतजार है। उधर, निलंबित जेई रामभवन ने कर्वी स्थित सिंचाई विभाग के दफ्तर में वर्ष 2009 में नौकरी ज्वाइन की थी। इसके बाद से वह यहीं पर जमा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, पुराने अफसरों ने कई बार रामभवन के काम में लापरवाही बरतने की शिकायत विभाग के आला अफसरों से की, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसकी वजह रामभवन की सत्ता के गलियारों के साथ ही विभाग में पैठ होना बताया जाता है।
इस मामले में एडीजी प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश का कहना है कि बच्चों के यौन उत्पीड़न के मामले में सीबीआई ने जेई रामभवन को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। बच्चों से दरिंदगी के आरोपी जेई के पोस्टर चित्रकूट और बांदा में चौराहों पर लगाए जाएंगे, ताकि लोग जेई और उसके मददगारों की करतूत के बारे में जान सकें। सीबीआई की रिपोर्ट और जेई के अपराधों की लिस्ट मिलने के बाद रामभवन का पोस्टर जारी किया जाएगा।