फोटो नंबर- 2- जागरूकता: लॉकडाउन को लेकर राशन सामग्री लेकर घर लौटती समय महिलाओं ने रास्ते में भी सोश?
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चित्रकूट/मऊ/राजापुर। बुंदेलखंड क्षेत्र के गरीब परिवार के सदस्यों को राशन कार्ड से मिलने वाले खाद्यान्न सामग्री से पेट भरता है। लॉकडाउन होने के बाद भी अधिकतर महिलाएं राशन लेने के लिए कोटे की दुकानों में पहुंच रहीं है। खाद्य सामग्री लाने के साधन न होने से वह अपने सिर पर ही 30 से 40 किलो गेहूं रखकर घर पहुंच रही है। यह दृश्य रोजाना देखने को मिल रहा है।
बुंदेलखंड क्षेत्र में रोजगार के साधन न होने के कारण अधिकतर परिवार गरीब है जो सरकारी राशन सामग्री पर उनके परिवार के सदस्यों का पेट भरता है। इस समय लॉकडाउन होने से और भी समस्या आ गई है। जिसको देखते हुए महिलाएं सब काम छोड़कर राशन की सामग्री लेने के लिए पहुंच रही है। जो 30 से 40 गेहूं अपने सिर पर रखकर दो से तीन किमी पैदल चलकर घर पहुंच जाती हैं। गांधी गंज की महिलाएं सरोजनी रैदास, पूनम प्रजापति, रेखा विश्वकर्मा ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य मजदूरी करते है। इस समय लॉकडाउन होने से वह भी बंद हो गया। इस लिए राशन सामग्री ही अब उनक ा सहारा बन गया है।