बरगढ़ बाजार में दो हफ्ते से नलों से गंदा पानी आ रहा है। लोगों का कहना है कि मटमैला और बदबूदार पानी आने के साथ उसमें कीड़े भी आ जाते हैं। ऐसे में संक्रामक बीमारियां फैलने का भी डर है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों से इसकी शिकायत करने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।
बरगढ़ बाजार में लगभग पचास घरों में इस समय नलों से गंदा पानी आ रहा है। यहां के लोगों का कहना है दूषित जलापूर्ति के कारण उन्हें शुद्ध पानी के लिए हैंपपंपों पर लाइन लगानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से यह समस्या है। शिकायत के बाद भी अभी तक विभागीय कर्मी इसका पता नहीं कर सके हैं। कस्बे के किला चौराहे से लेकर मुख्य बाजार तक ये समस्या है। लोगों का कहना है कि जल्द समस्या का समाधान न हुआ तो गंभीर बीमारियां फैल सकतीं हैं।
बंशीलाल केशरवानी ने बताया कि 15 दिन से नलों में गंदा पानी आ रहा है। इसकी शिकायत के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।
विशोक ने कहा कि दूषित जलापूर्ति से संक्रामक बीमारियों का खतरा है। बरसात के मौसम में अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया तो परेशानी बढ़ सकती है।
साधना ने कहा कि पानी दूषित होने के चलते पीने और खाना बनाने के लिए दूसरी जगहों से व्यवस्था करनी पड़ती है। ऐसे में बहुत दिक्कत हो रही है।
शिवमंगल ने कहा कि व्यापारी बहुल मोहल्ले में लोगों को दुकान जाने के पहले शुद्ध पानी का जुगाड़ करना पड़ता है। लगता है मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करना पड़ेगा।
अनंत केशरवानी ने कहा कि जीवन के लिए सबसे जरूरी पानी है और मोहल्ले के लोगों को इसकी ही दिक्कत है। समझ में नहीं आता कि समस्या का समाधान कब होगा।
जेई बोले, जल्द होगी व्यवस्था
इस संबंध में जल संस्थान के जेई आरएस यादव ने बताया कि दूषित जलापूर्ति की परेशानी दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारी कई जगहों पर गड्ढे खोदकर टूटी पाइपलाइन का पता कर रहे हैं।