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इनाम कम, पर था बेहद शातिर दस्यु अशोक

Thu, 20 Aug 2015 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
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चित्रकूट के एसपी पवन कुमार ने बताया कि डाकू अशोक कोल इसलिए ज्यादा खतरनाक था, क्योंकि इसने नया ट्रेंड अपनाया। यह ट्रेंड बीहड़ इलाकों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के अपहरण कर फिरौती वसूलने का था। छह मई को इसने मानिकपुर की ग्राम पंचायत ऊंचाडीह के मजरे मुरकटा से प्रभारी प्रधानाध्यापक मतगंजन प्रसाद वर्मा निवासी लोढ़वारा का अपहरण किया था।
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अगले दिन शिक्षक की रहस्यमय ढंग से वापसी हुई थी। चर्चा है कि तीन लाख रुपये फिरौती देने पर यह पकड़ छोड़ी गई थी। इसके बाद पांच अगस्त को बीहड़ इलाके में ही स्थित मानिकपुर थाना के निही चिरैया प्राथमिक स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद कुमार निवासी मऊ और सहायक अध्यापक राजबहोर निवासी बरगढ़ का दस्यु गिरोह ने अपहरण कर लिया था।

इनको वहां से लगभग दो किमी दूर पीटते हुए ले गए थे और फिर मोबाइल फोन नगदी लूटकर छोड़ा था। तब भी यह बात सामने आई थी कि इनसे दो-दो लाख रुपये फिरौती एक हफ्ते के अंदर भिजवाने को कहा गया था और इस वारदात में भी पुलिस ने अशोक कोल गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई थी।
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एसपी पवन कुमार ने बताया कि सीमावर्ती मप्र के डभौरा थाना क्षेत्र से दो शिक्षकों के अपहरण की कोशिश हुई थी। यह भी संभवत: डकैत अशोक कोल ने की होगी।

भयभीत शिक्षक कर चुके हैं स्कूलों में तालाबंदी
बीहड़ इलाकों में तैनात परिषदीय शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर सहमे शिक्षकों ने 17 अगस्त को सामूहिक रूप से अवकाश लेकर बीएसए कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था। शिक्षकों का कहना था कि अगर सुरक्षा न मिली तो वे लोग इन स्कूलों में नहीं जाएंगे।

बाद में एसडीएम रजनीश कुमार मिश्रा और अन्य अधिकारियों ने इनको पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिया था और इसके बाद ही शिक्षकों का रोष शांत हुआ था। शिक्षकों का कहना था कि अशोक कोल ने अध्यापकों के छीने हुए मोबाइल फोन से मिले नंबरों से अन्य शिक्षकों को घेरना शुरू कर दिया है और धन की मांग कर रहा है।

एसपी पवन कुमार ने भी बताया कि जहां तक जानकारी मिली है, अशोक इस इलाके में भी एकाध दिन में किसी अध्यापक के अपहरण की फिराक में था।

कल ही की थी इनाम बढ़ाने की संस्तुति
एसपी पवन कुमार ने बताया कि अशोक कोल की बढ़ती सक्रियता के मद्देनजर डकैत पर इनाम की राशि बारह हजार से बढ़ाकर पंद्रह हजार करने की सिफारिश की थी। इसके लिए उन्होंने आईजी से बात की थी। कहा कि इसकी नौबत आने से पहले ही इस दस्यु का आतंक खत्म हो गया।

कौन है सत्यनारायण कोल
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अशोक कोल मानिकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसी सत्यनारायण कोल को अपना गुरु मानता है। अशोक के गैंग के सदस्य इसके पैर छूते रहे हैं। माना जाता है कि वारदातों के पीछे भी सत्यनारायण का ही दिमाग काम करता है। लगभग पचास साल के सत्यनारायण के बारे में कुछ और अहम जानकारियां भी पुलिस के पास हो सकती हैं।

पुलिसिया दबाव के बारे में खुलकर नहीं बोले एसपी
31 जनवरी 2015 में कार्यभार ग्रहण करने वाले एसपी पवन कुमार के कार्यकाल में दो कुख्यात डकैतों का सफाया बड़ी बात है। पहले दस्यु बलखड़िया का सफाया, उसके गिरोह के कुछ सदस्यों का आत्मसमर्पण और अब अशोक कोल का मारा जाना बड़ी बात है। खास तौर पर पाठा इलाके के लोगों के लिए राहत की खबर है।

जब एसपी से यह पूछा गया कि क्या अशोक कोल का मारा जाना पुलिस के दबाव का ही परिणाम है, उनका कहना था, कह नहीं सकते, हां पुलिस के टारगेट में तो डाकू-बदमाश हमेशा ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अशोक कोल को पुलिस ने मारा होता तो वह इसका श्रेय लेते, पर अभी तक यह माना जा रहा है कि यह गैंगवार में मारा गया है।

अशोक के मारे जाने के साथ ही इसका गिरोह खत्म!
पुलिस यह मानकर चल रही है कि अशोक कोल के मारे जाने के बाद से उसके गिरोह का भी अंत हो गया है। एसपी ने बताया कि अशोक कोल के गिरोह की जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक लगभग नौ लोगों का इसका गिरोह है, जिनमें दो-तीन कैजुअल मेंबर हैं। पांच हजार का इनामी वरदानी कोल, पांच हजार का इनामी भोंडा कोल इसके गिरोह के मुख्य सदस्य हैं।

मांझा और अमरजीत भी गिरोह में हैं, जो इस समय जेल में हैं। बताया कि जानकारी के मुताबिक, गिरोह के पास दो 315 बोर, 2-3 फैक्ट्रीमेड राइफल, तीन तमंचे और कारतूस आदि फायर पॉवर है। इसमें से दो राइफल दस्यु की लाश के पास से बरामद हुई हैं।

ऊंचाडीह की प्रधान रह चुकी हैं अशोक की मां
पयासीपुरवा में दस्यु अशोक कोल के पिता छोटा कोल की लगभग दस बीघे जमीन है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सकरौंहा के हरिश्चंद्र, विधाता, कमलेश कोल आदि ने बताया कि अशोक की मां कल्ली देवी ऊंचाडीह की प्रधान रह चुकी हैं। अशोक का बड़ा भाई प्रेमलाल वन विभाग में वॉचर है।

ग्रामीणों का  यह भी कहना है कि परिवार की गांव में सबसे बनती है और यह परिवार अपने काम से काम रखता है। इन ग्रामीणों ने बताया कि दस दिन पहले ही इनके घर की कुर्की हुई थी, जिसमें पुलिस घर का एक एक सामान ले गई थी। इसके पहले भी कुर्की होने की बात बताई गई।
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