डीएम नीलम अहलावत ने गुरुवार को डा. राममनोहर लोहिया
समग्र गांव कहेटामाफी में चौपाल लगाई। उन्होंने कटैया डांडी को जाने वाली
सड़क दस दिन में दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
डीएम के सामने
अभिभावकों ने स्कूलों में पढ़ाई की पोल खोल दी। कहा कि बच्चों को कुछ आता
नहीं, अध्यापक ठीक से नहीं पढ़ाते, जिससे वे लोग प्राइवेट स्कूलों में
दाखिला करा रहे हैं।
डीएम ने विकास विभाग की बुकलेट के माध्यम से
गांव में विद्युतीकरण, गलियों, आंगनबाड़ी केंद्र, तालाब के जीर्णोद्धार,
प्राथमिक विद्यालय आदि विभिन्न योजनाओं कार्यों का सत्यापन किया। उन्होंने
पाया कि विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है।
उन्होंने पूर्व
माध्यमिक विद्यालय के पास बने आंगनबाड़ी केंद्र का काम पांच अप्रैल तक पूरा
कराने को कहा। अभिभावकों से कहा कि बच्चों को स्कूल भेजें।
कहा कि
सरकार द्वारा निशुल्क किताबें, ड्रेस और मिड-डे मील दिया जा रहा है। इस पर
अभिभावकों ने अध्यापकों की शिकायत की बच्चों को कुछ नहीं आता है, अध्यापक
ठीक से नहीं पढ़ाते। इस कारण अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला
करा रहे हैं।
अभिभावकों ने बताया कि इसी वजह से पूर्व माध्यमिक
विद्यालय में अभी तक दो बच्चों का दाखिला हुआ है। डीएम ने बीएसए से कहा कि
अगर शत प्रतिशत बच्चों का दाखिला न हो तो कार्यरत अध्यापक के खिलाफ
कार्रवाई करें। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी एनपी सिंह सहित विभिन्न
अधिकारी मौजूद रहे।
गांव में 195 स्वच्छ शौचालय बने हैं, जिसका
इस्तेमाल गांव वाले नहीं कर रहे हैं। इस पर ग्राम पंचायत अधिकारी को डीएम
ने निर्देश दिए कि जो लोग सड़कों पर शौच करते हैं, उनकी सूची बनाकर थाने
में दें।
डीएम को बताया कि गांव के तालाब का पट्टा ज्ञानचंद्र को दिया है, जो पंजाब में मजदूरी कर रहा है। समय से पैसा नहीं जमा कर रहा।
इस
पर डीएम ने लेखपाल से तत्काल रिपोर्ट देने को कहा। डीएम ने मुन्ना, शांति,
मोहन, अजयपाल, केतकी, दुजिया के आवासों और शौचालयों को देखा, जिनमें फर्श
नहीं मिली। लाल पट्टी नहीं बनाई गई थी। उन्होंने इसे ठीक कराने को कहा।