चित्रकूट। टेलीग्राम चैनल पर बच्चों के अश्लील वीडियो अपलोड कर रुपये कमाने के मामले में पुलिस की जांच अब लैपटॉप व मोबाइल पर मिलने वाले साक्ष्यों पर अटक गई है।
आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा रिकवर कराने में पुलिस संबंधित कंपनी से मदद के लिए पत्र लिखा है। साथ ही यूनियन बैंक के मिले क्यूआर कोड के खाते के लेन-देन विवरण भी बैंक से मांगा है।
मेटा की सुरक्षा टीम ने अश्लील कंटेंट की निगरानी के दौरान टेलीग्राम चैनल के माध्यम से मामले पकड़ में आया था। टीम ने जानकारी दी थी कि चित्रकूट के एक मोबाइल नंबर से टेलीग्राम, मेटा और डार्क वेब के माध्यम से बच्चों के अश्लील वीडियो प्रसारित और बेचे जा रहे हैं।
जानकारी मिलने के बाद साइबर सेल के निरीक्षक इंदल यादव की तहरीर पर पुरानी बाजार कर्वी निवासी सौरभ मिश्रा के नाम प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी सौरभ को हिरासत में लेकर 12 सितंबर को करीब पांच से छह घंटे तक पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान सौरभ ने ऐसे वीडियो देखने और इंटरनेट से डाउनलोड करने की बात तो स्वीकार की, लेकिन बेचने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। जांच में पुलिस को उसके मोबाइल और लैपटॉप से कोई डेटा नहीं मिला था। आरोपी ने पूरा डेटा पहले ही डिलीट कर दिया था। उसके बाद पुलिस ने आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया और मोबाइल व लैपटॉप को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया।
अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डेटा रिकवर के बाद ही सही जानकारी मिलेगी कि आरोपी कौन सी वेबसाइट, टेलीग्राम चैनल के अलावा अन्य किस चैनलों से जुड़ा था। उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और वह किस नेटवर्क का हिस्सा था।
बोले जिम्मेदार
टेलीग्राम चैनल में बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो बेचने से जुड़ा है। आरोपी का मोबाइल व लैपटॉप फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। बैंक से लेन-देन की डिटेल मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी। अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक।