फोटो 20 सीकेटीपी 39 पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद नारेबाजी करते ग्राम प्रधान। संवाद
- फोटो : पूर्व भाजपा नगर उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्त।
राजापुर (चित्रकूट) । लखनऊ में आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे जनपद के ग्राम प्रधानों को पुलिस ने यमुना पुल के पास रोक दिया। प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। वे पंचायत चुनाव समय पर न कराने और प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी का विरोध कर रहे थे।
प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष सुनील शुक्ला के नेतृत्व में 50 से अधिक प्रधान लखनऊ के इको पार्क में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने निकले थे। जैसे ही उनका जत्था यमुना पुल के पास पहुंचा, क्षेत्राधिकारी राजकमल राजापुर व थाना प्रभारी अनिल गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पुल के दोनों ओर घेराबंदी कर प्रधानों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे नाराज प्रधानों ने सड़क पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। भीख नहीं अधिकार चाहिए जैसे नारों से यमुना पुल क्षेत्र गूंज उठा।
प्रधानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद सभी प्रधानों को राजापुर थाने लाया गया जहां लंबी वार्ता हुई। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष सुनील शुक्ला ने सरकार पर लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप लगाया। शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि चुने हुए प्रधानों को हटाकर प्रशासक बैठाए गए तो यह गांव की जनता के जनादेश का खुला अपमान होगा। क्षेत्राधिकारी राजकमल ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था और स्थिति नियंत्रण में रही।