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मामूली विवाद में हुआ था रिश्तों का खून

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फोटो-1- पति सुशील उर्फ बबलू की मौत के बाद बिलखती पत्नी सारिका को ढांढ़स बंधाते परिजन। संवाद - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकट। मामूली विवाद में हुआ था रिश्तों का खून। नशे में धुत छोटे भाई ने बड़े से मांगी थी कार की चाभी, न देने पर तमंचा निकाल कर बड़े भाई के गोली मारकर हत्या की थी। यह चर्चा मंगलवार को शंकर बाजार के रहने वालों में रहीं। हरेक ने नशे में धुत आरोपी छोटू उर्फ अजय को कोसा। पिता ने छोटू के खिलाफ पुलिस में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, पुलिस हत्यारोपी छोटू की तलाश कर रही है। जिसके चलते कुछ स्थानों पर छापेमारी कर संदेह के आधार पर चार लोगों को कोतवाली में पूछताछ के लिए लाया गया। उधर, पोस्टमार्टम के बाद मृतक सुशील उर्फ बबलू का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना के बाद पूरे घर परिवार में गम का पहाड़ टूट पडा है।
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बताते चलें कि सोमवार की देर रात सदर कोतवाली अंतर्गत शंकर बाजार में कपड़ा व्यापारी देवराज अग्रहरि के पुत्र बबलू उर्फ सुशील की छोटे भाई छोटू उर्फ अजय ने गोली माकर हत्या कर दी थी। दोनों भाई सुशील और छोटू में पारिवारिक कलह सोमवार की रात उस समय और बढ़ गया जब छोेटू अग्रहरि ने घर में बडे़ भाई सुशील से पांच सौ रुपये और कार की चाभी मांगी तो उसने इंकार कर दिया। तभी पिता आए और समझाया कि अभी छोटू तुम नशे में हो सुबह कार ले लेना। पर पहलेे से ही गुस्से में बैठा छोटू नहीं माना और गाली देते हुए जेब में रखा तमंचा निकाल कर भाई पर तान दिया। बड़ा भाई सुशील जैसे आगे बढ़ा तो छोटू ने गोली चला दी। गोली उसके सीने में लग गई।
मृतक के पिता देवराज ने बताया कि नशे की हालत में छोटू बड़े भाई सुशील से पांच सौ रुपये और कार की चाभी मांग रहा था। बस इसी बात से नाराज होकर उसने बड़े भाई को गोली मार दी। घटना से मृतक की पत्नी सारिका अग्रहरि व मां कुसम का रो रोकर बुरा हाल है। मृतक दो भाई ही हैं और उसके दो मासूम बच्चे है। हत्यारोपी फरार छोटू की शादी मई महीने में तय होनी थी। कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हत्यारोपी की तलाश जारी है। जल्द उसे पकड़ा जाएगा।
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