फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chitrakoot News: पॉक्सो में आरोपी फरार घोषित, गैरजमानती वारंट

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत दर्ज एक मामले में विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने आरोपी मनोज कुमार को फरार घोषित कर दिया है और आरोपी के खिलाफ स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही आरोपी को पेश करने में विफल रहने वाले दो जमानतदारों के खिलाफ भी कार्रवाई का आदेश दिए हैं। अदालत ने यह आदेश आरोपी के लगातार अनुपस्थित रहने के बाद दिया।
विज्ञापन




आरोपी मनोज कुमार पर पॉक्सो अधिनियम की धारा चार के तहत आरोप हैं। आरोप पत्र नौ दिसंबर 2020 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। लगातार अनुपस्थित रहने के चलते उसे फरार घोषित कर दिया गया। न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और धारा 82 व 83 दंड प्रक्रिया संहिता की प्रक्रियाएं पूरी की थीं। इस मामले में सभी अभियोजन गवाहों की गवाही पहले ही पूरी हो चुकी थी। जमानतदारों मुकेश कुमार और मोहन सिंह को आरोपी को पेश करने या जमानत राशि जमा करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वे इसमें विफल रहे। विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने मामले को धारा 299 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत निस्तारित कर दिया।



अदालत ने जमानतदारों मुकेश कुमार और मोहन सिंह के खिलाफ धारा 446 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अलग से प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक को आरोपी मनोज कुमार का स्थायी गैर-जमानती अधिपत्र भेजा है। आदेश में कहा गया है कि जब भी आरोपी गिरफ्तार होगा, उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और मामले की कार्रवाई फिर से शुरू की जाएगी। संबंधित थाने को भी स्थायी वारंट अपने रजिस्टर में दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन

-




पॉक्सो एक्ट में आरोपी की जमानत याचिका खारिज



चित्रकूट। विशेष न्यायाधीश ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी संजय प्रताप सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह फैसला एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोप से संबंधित है।



अभियोजन पक्ष के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को करीब सात वर्षीय बच्ची के साथ आरोपी ने अपने किराए के कमरे में दुष्कर्म किया था। बच्ची के चिल्लाने पर लोगों ने उसे बचाया। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली, चित्रकूट में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। संजय प्रताप सिंह के अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताते हुए फंसाए जाने का तर्क दिया और जमानत मांगी। न्यायालय ने केस डायरी और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता पाई और कहा कि उसे जमानत पर छोड़ने का कोई आधार नहीं है।(संवाद)

-

पॉक्सो एक्ट में आरोपी को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत



चित्रकूट। विशेष न्यायाधीश ने बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत आरोपी दीपक कोल की द्वितीय जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। उसे एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों द्वारा समान राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।



पीड़ित ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से दीपक के साथ मुंबई गई थी और उसके साथ ही रहना चाहती है। मेडिकल बोर्ड ने पीड़ित की अनुमानित आयु लगभग 18 वर्ष निर्धारित की है, जबकि स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार घटना के समय वह करीब 17 वर्ष आठ माह की थी। आरोपी दीपक कोल लगभग सात महीने से जिला कारागार में है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। मामले में सह-आरोपी को भी इसी न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। न्यायालय ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया। जमानत की शर्तों में आरोपी को प्रत्येक नियत तारीख पर उपस्थित रहना और गवाहों को प्रभावित न करना शामिल है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें