मुख्यालय में तहसील दिवस पर राशन सामग्री, सूखे का मुआवजा न मिलने से, मानदेय बढ़ाने और बैंक में खाता खोलने के नाम पर बैंक मित्रों द्वारा रुपये मांगने की शिकायतों को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन देकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
सदर ब्लाक के सीतापुर गांव की मंटो देवी, सुनीता, केशरिया, अभिलाषा, कृष्ण कुमारी, शांति, राम स्वरूप और मनबोध आदि ने प्रदर्शन कर बताया कि उनके राशन कार्ड की सूची में पहले नाम थे। लेकिन जांच के बाद नाम काट दिए गए हैं। जिससे राशन सामग्री नहीं मिल रही।
गांव के कई अपात्रों के नाम सूची में मौजूद हैं और उनके पात्र होने के बाद भी नाम काटे गए हैं। इसकी जांच कराकर राशन सामग्री दिलाई जाए। वहीं मानिकपुर ब्लाक के जलसंस्थान सेमरदहा के पंप आपरेटर योगेंद्र कुमार, जयकिशोर, सुरेश, चुनबाद, राजकरन, जीवन, कैलाश, छोटलाल, अरविंद, राजकुमार व श्रीपाल आदि ने डीएम को ज्ञापन देकर बताया कि उन्हें तीन माह से मानदेय नहीं मिला है।
इसके अलावा उनका मानदेय भी बढ़ाया जाए ताकि बढ़ती महंगाई में परिवार का भरण पोषण हो सके। सदर ब्लाक के बहादुरपुर की राखी, शांति, पिंकी, मोती, उर्मिला, सुनीता, संगीता और रामरती आदि ने प्रदर्शन कर बताया कि सभी लोग मोहल्ले में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की फ्रें चाइजी में बैंक मित्र के काउंटर में खाता खुलवाने पहुंचे तो वहां दो सौ रुपये प्रति व्यक्ति से मांगा जा रहा है।
जबकि नियम जीरो बैलेंस में और नि:शुल्क खाता खोलने का प्रावधान है। इसका विरोध करने वालों का खाता नहीं खोला जा रहा है। इसके अलावा सदर ब्लाक के लौढ़िया खुर्द और बुजुर्ग के गया प्रसाद, माताबदल, स्वामीदीन, भुंडी व भोला आदि ने डीएम को पत्र देकर बताया कि उन्हें सूखा राहत का मुआवजा की दूसरी किश्त नहीं मिली है।