चित्रकूट। सीएमओ कार्यालय में तैनात चपरासी की उसके सरकारी आवास में अचानक तबियत खराब हो गई। उसे खून की उल्टी होने पर आस-पास के लोगों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के बारे में बताया गया है कि उसका विभाग ने एक साल सेे ज्यादा का वेतन रोक रखा है। जिससे उसका परिवार आर्थिक समस्या से भी जूझ रहा था।
मूल रूप से बांदा जनपद के कमासिन थाना क्षेत्र के मुसींवा गांव निवासी जयनारायण साहू (54) पुत्र लक्ष्मी प्रसाद मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में चतुर्थ श्रेंणी का कर्मचारी था। बुधवार की देर रात को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। यह देख पुत्र मनीष आसपास के लोगों की मदद से आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गया। जहां डाक्टरों ने हालत नाजुक देख प्रयागराज रेफर कर दिया। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही परिजनों में शोक व्याप्त हो गया।
मृतक के इकलौत पुत्र मनीष कुमार ने बताया कि पिता को एक साल से ज्यादा समय से वेतन नहीं मिल रहा था। पहले बीमारी के चलते मेडिकल लगाया था। तब उनका वेतन रुका था। इसके बाद कुछ माह तक ड्यूटी की लेकिन बकाया वेतन नहीं मिला। जिससे निराश होकर पिता ड्यूटी पर नहीं जाते थे। इधर एक माह से उनका स्वास्थ्य भी खराब हो गया था। उसकी तीन पुत्रियां हैं। जिसमें दो की शादी हो चुकी है। पत्नी वंशवती एएनएम थीं। उनकी बीमारी के चलते मौत के बाद ही जयनारायण को नौकरी मिली थी। वेतन न मिलने पर पत्नी की पेेंशन से ही परिवार का भरण पोषण होता था। इस मामले में सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि चपरासी ड्यूटी पर लगातार अनुपस्थित चल रहा था। बुधवार की रात बीमार होने की सूचना पर विभाग ने उसका पूरा इलाज कराकर उसे प्रयागराज ले जा रहा था लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। उसके बकाये वेतन के मामले में बताया कि इसकी विभाग के कर्मचारियों से जानकारी ली जाएगी। पीड़ित परिवार को हर विभागीय सहायता दी जाएगी।