चित्रकूट। लगभग दो अरब रुपये की बरगढ़-मऊ ग्राम समूह पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण करने जल निगम के चीफ इंजीनियर पहुंचे। बुधवार को उन्होंने दोनों क्षेत्र के कई गांवों में जाकर योजना का हकीकत देखी। पाया गया कि योजना में लक्ष्य के अनुरूप काम लगभग पूरा है और ज्यादातर गांव तक पेयजल आपूर्ति जारी भी है।
यह पेयजल योजना इन दिनों चर्चा में है। शासकीय धन का दुरुपयोग व अन्य अनियमितता पर दो अधिशासी अभियंता जेपी सिंह, यशवीर सिंह व एक एई एके अवस्थी निलंबित चल रहे हैं। उनके खिलाफ गहन जांच भी जारी है। रविवार को बांदा में मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान यूपी के सीएम योगीआदित्यनाथ ने निलंबित तीनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने को कहा था है। निलंबित अधिशासी अभियंता यशवीर सिंह के खिलाफ मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन मामलों की जांच पड़ताल करने जल निगम झांसी के चीफ इंजीनियर राजेश कुमार श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ मुख्यालय पहुंचे।
उन्होंने जिले के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह समेत इंजीनियर विजय शंकर व रमेश गुप्ता के साथ बरगढ़ के कई गांव का निरीक्षण कर पेयजल योजना की जानकारी ली। मऊ के देवरा गांव में खुद ही चीफ इंजीनियर ने नल को चालू कर जलापूर्ति की हकीकत देखी। इसके बाद उन्होंने बताया कि अरबों रुपये की इस योजना का काम लगभग पूरा हो गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना में कोई गड़बड़ी न की जाए। पात्रों तक पानी पहुंचाने का काम करें। इसी दौरान उन्होंने निलंबित इंजीनियरों के बारे में कहा कि उनकी जांच लखनऊ ईओडब्ल्यू विभाग कर रहा है। ऐसे में उनकी रिपोर्ट के बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।