भरतकूप के गोंडा पहाड़ में पत्थर तुड़ान के बाद पहाड़ की हालत
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। भरतकूप क्षेत्र के पहाड़ों पर अवैध खनन तेजी से चल रहा है। जिला प्रशासन के सख्त तेवर के बावजूद समय-समय पर कई अधिकारियों पर पट्टाधारकों व क्रशर मालिकों से सांठगांठ के आरोप लगते रहे हैं।
पट्टाधारक अधिकारियों की आंख में धूल झोंककर तयशुदा आवंटन स्थल की सीमा से अधिक पर पत्थर तोड़ान कर रहे हैं। राजनैतिक दल के नेताओं ने पट्टाधारकों पर मानक की अनदेखी कर पत्थर तोड़ने का आरोप लगाया है।
तीन माह पूर्व भाजपा के जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे ने खनिज निदेशालय को पत्र लिखकर मामले को सामने लाने का प्रयास किया था। इसके बाद तत्कालीन जिला खनिज अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया गया था।
भरतकूप क्षेत्र के गोंडा, भौंरा व वजनी पहाड़ पर शासन प्रशासन नियमों के मुताबिक पत्थर तोड़ान का पटटा आवंटन करता है, जिसमें अभी भी काम चल रहा है। कई स्थानों पर आवंटन स्थल से अधिक स्थान पर पत्थर तोड़ने का काम जारी है।
सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि गोंडा पहाड़ के 1078 गाटा नंबर पर मानक के विपरीत पत्थर तुड़ान अभी भी जारी है। आरोप है कि पट्टाधारक संबधित विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर यह काम कर रहे हैं।
इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी सनी कौशल ने बताया कि अवैध पत्थर तुड़ान की कहीं से भी शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाती है। जिले में इस समय 30 वैध पट्टे चल रहे हैं।
जहां तक गोंडा के 1078 गाटा संख्या वाले पहाड़ का मामला है, उसमें कई पट्टाधारक हैं। सभी का क्षेत्र बंटा हुआ है। कुछ स्थान पर खनन पर रोक है। यदि इन स्थानों पर पट्टाधारक तुडान करा रहे हैं तो मौके पर जाकर इसकी जांच करेंगे। मानक से अधिक स्थान पर खनन करते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।