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पंचायत सचिव के निलंबन को लेकर रार बढ़ी panchaayat sachiv ke nilamban ko lekar raar badhee

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मानिकपुर(चित्रकूट)। भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित पंचायत सचिव धर्मपाल यादव की बहाली को लेकर रार बढ़ने लगी है। ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ सिंह ने आरोप लगाया कि सचिव का पक्ष जाने बिना निलंबित किया गया है। यह न्याय संगत नहीं है। धनराशि पास करने वाले अधिकारियों को भी निलंबित करना चाहिए।
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सुरेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि गांवों को बजट उपलब्ध कराए बिना सचिवों पर विकास कराने का दबाव डाला जा रहा है। गोशालाओं में चारा, भूसा उपलब्ध कराने के लिए समय से धनराशि नहीं दी जाती है। वहीं मानिकपुर विधायक ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। वह सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होने देंगे। उधर, पंचायत सचिव धर्मपाल ने हाईकोर्ट में मामला दायर किया है। इसमें आरोप लगाया कि उन्हेें विधायक के इशारे पर निलंबित किया गया है। कहा कि दोबारा जांच में सही पाए जाने के बाद भी बहाल नहीं किया जा रहा है।
मानिकपुर तहसील क्षेत्र के अगरहुड़ा गांव में विकास कार्यों में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों ने विधायक आनंद शुक्ला से पंचायत सचिव धर्मपाल की शिकायत की थी। उन्होंने जांच के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा था। जांच के बाद सचिव को निलंबित कर दिया गया था। दूसरी जांच में सचिव को क्लीन चिट मिल गई। इसके बाद भी बहाल न होने पर सचिव ने हाईकोर्ट में मामला दायर किया है। इसमें आरोप लगाया कि उन्हें विधायक के इशारे पर निलंबित किया गया है। इस पर न्यायालय ने विधायक से जवाबी हलफनामा मांगा है। वहीं विधायक का कहना है कि उन्हें अभी कोर्ट का नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने पर कोर्ट के आदेश का सम्मान कर जवाब दिया जाएगा।
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