चित्रकूट। शहर से लेकर गांवों तक बिना नंबर प्लेट के ओवरलोड़ खनिज सामग्री लदे वाहन फर्राटे से दौड़ रहे हैं। जिले में दिन रात ऐसे 400 वाहन गुजरते हैं इनमें 80 वाहनों में नंबर नहीं होते। माना जाता है कि बिना नंबर वाले वाहन माननीय या प्रभावशाली लोगों के होते हैं। इसके बाद भी प्रशासन इन वाहनों पर रोक लगाने में नाकाम है। सबसे ज्यादा मोरंग व गिट्टी लदे ट्रक व डंपर कार्रवाई से बचने के लिए ऐसा करते हैं। इसमें कई बार माननीयों के भी नाम सामने आए। चौराहे से लेकर हाईवे पर खनिज, परिवहन व पुलिसकर्मियों से मारपीट तक हो चुकी है। जिला प्रशासन लगातार बड़ी कार्रवाई की बात कहता है जबकि हकीकत में ऐसे डंपर दिन रात दौड़ते ही रहते हैं।
जनपद में बालू व गिट्टी से लदे ओवरलोड वाहन दिन व रात में शहर के अंदर से होकर गुजरते हैं। इससे शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में सप्ताह में दो तीन घटनाएं हो जाती हैं। किसी न किसी की मौत भी होती है। एक माह पूर्व राजापुर में बिना नंबर के डंपर ने बाइक सवार दंपती को रौंद दिया था जिसमें दंपती की मौत हो गई थी। सबसे अधिक दुर्घटनाएं कर्वी, राजापुर, शिवरामपुर, खोह, रैपुरा के आसपास अधिक होती हैं। नो इंट्री लगते ही बेड़ी पुलिया, खोह, लोढ़वारा, गढ़ीवा के पास वाहनों की कतार लग जाती है। इसमें आधे से अधिक वाहन बिना नंबर प्लेट के होते हैं। पुलिस, परिवहन विभाग केवल दो पहिया व ई रिक्शा चालकों का चालान व सीज की कार्रवाई कर अपना कोटा पूरा कर लेते हैं। कार्रवाई न होने से वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। जबकि शहर के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। नो इंट्री प्वाइंट पर पुलिस कर्मियों की तैनाती भी होती है। इसके बाद भी वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जाती है। ट्रैफिक चौराहा पर कंट्रोल रूम भी बना है। वह भी शोपीस बना हुआ है।
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चित्रकूट। खनिज सामग्री लदे वाहनों में जिनमें नंबर नहीं होता जबकि कुछ नंबर न समझ में आए इस लिए गोबर, ग्रीस लगा देते हैं। यह सब वाहन किसी न किसी की कृपा से ही संचालित होेते हैं। इन सबके कोड नंबर होते हैं जिन्हें पास करने वाले अधिकारी बखूबी जानते हैं।ऐसे ही वाहन चालक दुर्घटना होने के बाद आसानी से निकल जाते हैं।
वर्जन एआरटीओ विवेक शुक्ला ने बताया कि ऐसे ओवरलोड़ वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। एक माह में 105 ओवरलोड वाहनों का चालान किया गया। 103 ऐसे वाहनों को थाने में बंद कराया गया। 64 लाख से अधिक का राजस्व वसूला गया। आठ लाख बकाया टैक्स वसूला गया है। यातायात प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि जिले से गुजरने वाले बिना नंबर के ऐसे बड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एक माह में ऐसे 240 वाहनों का चालान कियागया है।