आधार कार्ड बनाने को लेकर आम आदमी के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जान-पहचान और दबंग लोगों के पहुंचते आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं जबकि आम आदमी को लौटा दिया जाता है। आधार कार्ड बनाने वाला स्टाफ भी आधी-अधूरी जानकारी के साथ काम कर रहा है।
उसे यह जानकारी नहीं है कि कब किसी गांव का आधार कार्ड बनाया जाएगा। मानिकपुर ब्लाक परिसर में इन दिनों आधार कार्ड बनाया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आधार कार्ड बनाने में अव्यवस्था हावी है। किसान नेता संजय पांडे निवासी मटिहा ने बताया कि ज्यादातर ग्रामीण रोजाना जाते हैं लेकिन उन्हें लौटा दिया जाता है। लाइन में खड़े होने के बाद भी इनके कार्ड नहीं बनते और जो भी अपनी पहुंच बताकर अंदर जाते हैं, उनके कार्ड बनाए जा रहे हैं।
गौरिया प्रधान ने बताया कि उसके गांव से रोजाना लोग लौट रहे हैं। मानिकपुर निवासी राकेश ने बताया कि आधार कार्ड बनाने वाले ही व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं।
सुबह आठ बजे से आधार कार्ड बनाने का समय बताया गया है पर काम सुबह दस बजे से शुरू होता है। पुलिसकर्मी भी व्यवस्था सुधारने के बजाय अंदर कुर्सी पर आराम फरमा रहे हैं।
उधर, ग्रामीणों को यह जानकारी नहीं होती कि किस दिन किस गांव का आधार कार्ड बनाया जाएगा। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राधेश्याम वर्मा ने कहा कि आधार कार्ड बनाने वालों को आठ बजे आना चाहिए पर ये दस बजे आते हैं।
रही बात गांवों की लिस्ट की तो यह ब्लाक में चस्पा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन लोगों के आधार कार्ड रह जाएंगे, वे गांवों में टीम भेजकर बनवाए जाएंगे।