न्न क्षेत्र में हो रहे अवैध बालू व पत्थर खनन को रोकने के लिए पुलिस विभाग एलर्ट हो गया है। अमर उजाला में पांच मार्च से लगातार खबरें छपने के बाद डीएम-एसपी ने कड़ा रूख अपनाया। जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता मिली।
इस पर नाराज एसपी ने एक दरोगा समेत तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
जिले के पहाड़ी, भरतकूप, शिवरामपुर, माराचंद्रा, मऊ, बियावल, सेमरिया व मानिकपुर क्षेत्र में लगातार अवैध मौरंग, बालू व पत्थर खनन का काम तेजी से जारी रहा। इस पर समय-समय पर अधिकारियों से शिकायत पर पुलिस कर्मियों ने कुछ सांकेतिक कार्रवाई की।
इसके बाद डीएम ने अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस पर पुलिस अधीक्षक ने सीओ सिटी के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच टीम बनाई।
पुलिस अधीक्षक डीपी सिंह के अनुसार जांच टीम ने अवैध खनन रोकने के लिए तैनात पुलिस कर्मियों की ही जांच कराई। इस पर रिपोर्ट मिलने पर गुरुवार को मऊ के दरोगा गिरजाशंकर पांडेय, यूपी 100 में तैनात हेड कांस्टेबिल लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबिल कृपाल सिंह व कालीचरण को निलंबित कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन सभी के खिलाफ अवैध खनन पर शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।अवैध खनन की सूचना पर गुरुवार को पुलिस ने तीन बालू व पत्थर लदे ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी।
मऊ थाना अंतर्गत वियावल अवैध खनन कीअभियान में मऊ थाना के उप निरीक्षक श्याम सुंदर यादव ने ग्राम ताड़ी के पास 2 टैक्टर अवैध बालू पकड़ी गई चालक भाग गए । टैक्ट्रर थाने पर लाया गया। खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। पहाड़ी थाना पुलिस ने गांव कलवारा बुजुर्ग से दो अवैध बालू लदी ट्राली पकड़ी।