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शिकारियों ने काटे थे बुजुर्ग के अंग

Fri, 06 Feb 2015 11:02 PM IST
ब्यूरो। अमर उजाला चित्रकूट
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बुजुर्ग इंद्रदेव की मौत शिकारियों द्वारा जानवरों को मारने के लिए बिछाए गए तारों में फंसकर हुई थी। इस घटना को छिपाने और हत्या का रूप देने के लिए शिकारियों ने उनके अंग काटकर फेंक दिए थे। पुलिस ने मामले में शक के आधार पर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का धड़ भी नदी के पास से बरामद कर लिया। हालांकि पुलिस ने अभी आरोपियों के नाम नहीं खोले हैं।
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गत सोमवार को बरगढ़ थाने के ओबरी गांव के मजरे बसिहा निवासी इंद्रदेव त्रिपाठी (80) का क्षत विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मजरे चेन्नाड़ के पास एक नाले में उनका सिर तो पास ही बगीचे दो कटे हाथ और बायां पैर मिला था। मामले में मृतक के पुत्र प्रमोद ने गांव के तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पुलिस के लिए मृतक का धड़ बरामद करना चुनौती बन गया था।

घटना को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रहीं थीं। शुक्रवार को अमर उजाला ने इस संबंध में शिकारियों का शिकार तो नहीं बन गए बुजुर्ग, शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें आशंका जताई थी कि बुजुर्ग की हत्या में ग्रामीण शिकारियों का भी हाथ हो सकता है।
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 इस पर पुलिस प्रशासन ने तेजी दिखा इस दिशा में खोजबीन शुरू की। सीओ मऊ अजय कुमार कुलश्रेष्ठ ने बताया कि पुलिस की जांच में पूरा मामला शीशे की तरह साफ हो गया। उन्होंने बताया कि चेन्नाड़ गांव के कुछ लोगों को पकड़कर पूछताछ करने में पता चला कि शिकारियों द्वारा जानवरों को मारने के लिए बिछाए गए तार से ही बुजुर्ग इंद्रदेव की जान गई।

अपनी करतूत छिपाने के लिए उन्होंने इंद्रदेव के अंगों को काटकर अलग-अलग हिस्सों में फेंक दिया। आरोपियों की निशानदेही पर ललुई और चेन्नाड़ के बीच एक छोटी नदी के ऊपर पेड़ पर फंसा इंद्रदेव का धड़ बरामद कर लिया गया। सीओ ने आरोपियों के नाम बताने से इंकार कर दिया।
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