चित्रकूट। कोषागार में हुए घोटाले की जांच में अब बैंक अधिकारी व कर्मचारी भी एसआईटी की रडार पर हैं। एसआईटी ने जांच में पेंशनरों के खाते की डिटेल तो बैंकों से मांगी ही है, साथ ही शाखा प्रबंधक व सहायक प्रबंधक से भी पूछताछ की तैयारी में है।
कोषागार में हुए 43 करोड़ से अधिक का पेंशन घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में 93 पेंशनर व एक सेवानिवृत्त कर्मचारी व तीन कर्मचारी नामजद हुए थे। इनमें से एक सरकारी कर्मचारी की मौत हो चुकी है। घोटाले की जांच को रफ्तार देने के लिए टीम ने बैंकों से नोटिस देकर संबंधित पेंशनरों का ब्योरा मांगा है। टीम का मानना है कि कोषागार में इतना बड़ा घोटाला अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से होना संभव नहीं है। कहीं न कहीं इसमें इनकी संलिप्तता है। टीम पेंशनरों व बिचौलियों के साथ शाखा प्रबंधक व सहायक प्रबंधकों को भी बुलाकर पूछताछ कर सकती है।